'इतना समय क्यों लग रहा है?': सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के लिए जल्द-से-जल्द 10 एकड़ ज़मीन सौंपने को कहा

Shahadat

18 May 2026 7:56 PM IST

  • इतना समय क्यों लग रहा है?: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के लिए जल्द-से-जल्द 10 एकड़ ज़मीन सौंपने को कहा

    बॉम्बे हाईकोर्ट के नए कॉम्प्लेक्स के लिए अतिरिक्त ज़मीन के आवंटन से जुड़े स्वतः संज्ञान (suo motu) मामले में सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि आज की तारीख तक 20.19 एकड़ ज़मीन का कब्ज़ा हाईकोर्ट को सौंप दिया गया और बाकी ज़मीन 31 दिसंबर तक सौंपने का प्रस्ताव है।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच को महाराष्ट्र की अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने इस घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाकी बची 10 एकड़ ज़मीन में से 5.27 एकड़ ज़मीन 31 जुलाई तक और 4.74 एकड़ ज़मीन 31 दिसंबर तक सौंपने का प्रस्ताव है।

    समय के इस अंतराल पर चिंता जताते हुए CJI ने चव्हाण से पूछा,

    "आप इतना समय क्यों ले रहे हैं? इससे तो पूरा प्रोजेक्ट ही रुक जाएगा।"

    जवाब में चव्हाण ने कहा कि शुरुआत से ही हलफनामों में इस बात पर सहमति बनी थी और योजनाएं पहले ही संचालन समिति (Steering Committee) को सौंपी जा चुकी हैं।

    आखिरकार, बेंच ने अधिकारियों से बाकी बची ज़मीन जल्द-से-जल्द सौंपने और इसे जल्द-से-जल्द पूरा करने की कोशिश करने पर ज़ोर दिया। बेंच ने 1 अगस्त तक एक स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी।

    कोर्ट ने हाईकोर्ट संचालन समिति से यह भी अनुरोध किया कि वह बॉम्बे बार एसोसिएशन, एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया, और किसी भी अन्य मान्यता प्राप्त बार एसोसिएशन को सुनवाई का मौका दे, "ताकि प्रस्तावित प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले सभी हितधारकों को विश्वास में लिया जा सके।"

    संक्षेप में मामला

    सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के लिए अतिरिक्त ज़मीन के आवंटन के संबंध में यह स्वतः संज्ञान मामला उठाया था, जिसमें मौजूदा 150 साल पुरानी इमारत की तेज़ी से खराब होती हालत को ध्यान में रखा गया था।

    इस ज़मीन (कुल 30.16 एकड़) को बांद्रा में आवंटित करने की मांग की गई थी। शुरू में अक्टूबर 2024 में 4.39 एकड़ ज़मीन हाईकोर्ट को सौंप दी गई। उसके बाद 31 दिसंबर तक 5.25 एकड़ ज़मीन सौंपी जानी थी, लेकिन कुछ दिक्कतों के चलते ऐसा नहीं हो पाया। बाकी बची यह ज़मीन जनवरी 2025 के आखिर तक सौंप दी गई।

    अप्रैल 2025 में महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि 4.09 एकड़ ज़मीन में से, जिसे 31 मार्च तक सौंपा जाना था, 1.94 एकड़ ज़मीन सौंप दी गई और बाकी बची (2.15 एकड़) ज़मीन को 30 अप्रैल तक ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है। उस समय तक कुल ट्रांसफर की गई ज़मीन 11.58 एकड़ हो गई।

    Case Details : IN RE: HERITAGE BUILDING OF THE BOMBAY HIGH COURT AND ALLOTMENT OF ADDITIONAL LANDS FOR THE HIGH COURT, SMW (C) No(s). 5/2024

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