साकेत भवन हादसा: MCD की लापरवाही से गई 6 लोगों की जान, सुप्रीम कोर्ट के अमीकस क्यूरी ने उठाए सवाल

Praveen Mishra

9 Jun 2026 2:07 PM IST

  • साकेत भवन हादसा: MCD की लापरवाही से गई 6 लोगों की जान, सुप्रीम कोर्ट के अमीकस क्यूरी ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली के सैद-उल-अजैब स्थित एक इमारत के ढहने से छह लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त अमीकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार सिन्हा ने दिल्ली नगर निगम (MCD) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हस्तक्षेप आवेदन में आरोप लगाया कि MCD ने वर्षों से चल रहे अवैध निर्माण को रोकने के बजाय उस पर आंखें मूंदे रखीं, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    सिन्हा ने कहा कि प्लॉट नंबर 261, वेस्टर्न मार्ग, सैद-उल-अजैब में वर्ष 2015 से लगातार अवैध निर्माण होता रहा। भवन को पहले बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल के अवैध निर्माण के लिए बुक किया गया था। बाद में दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल के अवैध निर्माण भी दर्ज किए गए, लेकिन निगम ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

    आवेदन में कहा गया है कि 30 मई 2026 को शाम करीब 7:30 बजे इमारत ढह गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 14 लोग घायल हुए। सिन्हा के अनुसार, MCD को अवैध निर्माण की जानकारी होने के बावजूद भवन को सील नहीं किया गया और न ही उसे गिराने की कार्रवाई की गई।

    उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से MCD और दिल्ली पुलिस को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश देने की मांग की है कि बार-बार उल्लंघन के बावजूद भवन को खड़ा रहने की अनुमति कैसे दी गई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। साथ ही उन्होंने पूरे दिल्ली क्षेत्र में असुरक्षित और अवैध भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने तथा समयबद्ध तरीके से सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश देने की भी मांग की है।

    यह आवेदन सुप्रीम कोर्ट में लंबित उस मामले में दायर किया गया है, जिसमें देशभर में भवन उपविधियों के उल्लंघन और आवासीय परिसरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग की निगरानी की जा रही है। हालांकि, अमीकस क्यूरी द्वारा मामले की तत्काल सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।

    Next Story