क्या ज़िला जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61-62 साल की जानी चाहिए? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्यों और हाईकोर्ट से मांगी राय
Shahadat
14 July 2026 3:31 PM IST

'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन' मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल केंद्र सरकार, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हाईकोर्ट को ज़िला जजों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 61-62 साल करने के मुद्दे पर नोटिस जारी किया।
एक अंतरिम उपाय के तौर पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि जो याचिकाकर्ता न्यायिक अधिकारी 60 साल की उम्र पूरी होने पर रिटायर होने वाले हैं, वे 61 साल की उम्र तक सेवा में बने रहेंगे (जब तक कि उन्हें पहले ही सेवा से मुक्त न कर दिया गया हो)।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सीनियर एडवोकेट विकास सिंह और सिद्धार्थ भटनागर (एमिकस क्यूरी) की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।
इससे पहले दिन में कोर्ट ने यूपी के एक न्यायिक अधिकारी (जो 60 साल के हो चुके थे और रिटायर होने वाले थे) की सेवा अवधि बढ़ाने का ऐसा ही आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान, CJI ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के मामले में कोर्ट ने 2025 में स्पष्ट किया था कि न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 61 साल करने में कोई बाधा नहीं है।
जस्टिस बागची ने बताया कि सरकार ने बाद में अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र 61 साल की थी, लेकिन उसके बाद कोर्ट ने एक और रिट याचिका (WP(c) 986/2025) पर नोटिस जारी किया, जिसमें उम्र को 61 से बढ़ाकर 62 साल करने की मांग की गई।
सुनवाई खत्म होने से पहले विकास सिंह ने टिप्पणी की,
"यह वैसे भी दिलचस्प बात है। कोर्ट का स्टाफ 62 साल की उम्र में रिटायर होता है, जबकि जज 61 साल की उम्र में रिटायर होते हैं!"
भटनागर ने कहा,
"यह सही है। इसीलिए पूरे [देश] के लिए इस पर समग्र रूप से विचार किया जाना चाहिए।"
Case Title: ALL INDIA JUDGES ASSOCIATION AND ORS. Versus UNION OF INDIA AND ORS., W.P.(C) No. 1022/1989


