SCBA ने दिल्ली में BS-VI नियमों से वकीलों के वाहनों को छूट देने की मांग की
Shahadat
31 Oct 2026 2:42 PM IST

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सुप्रीम कोर्ट प्रशासन से संपर्क किया। उन्होंने दिल्ली में उन वाहनों पर लगी पाबंदियों के मामले में हस्तक्षेप की मांग की, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों (Emission Standards) को पूरा नहीं करते हैं। SCBA का कहना है कि इस नियम से सुप्रीम कोर्ट आने-जाने वाले वकीलों को काफी परेशानी हो सकती है।
31 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के महासचिव (Secretary General) को लिखे एक पत्र में SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने अनुरोध किया कि इस मामले को दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाए। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट आने वाले वकीलों, खासकर पड़ोसी राज्यों में रहने वालों को, उचित छूट या रियायत दी जाए।
यह पत्र उन वाहनों पर लगी पाबंदी के बारे में है, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते और दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं। इन वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाली है।
SCBA ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले बड़ी संख्या में वकील नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश व हरियाणा के अन्य पड़ोसी इलाकों से रोज़ाना आते-जाते हैं। कई वकील, खासकर जूनियर वकील, कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने और अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अपने निजी वाहनों पर निर्भर हैं।
बार एसोसिएशन ने कहा कि प्रस्तावित पाबंदियों से वकीलों को काफी कठिनाई होगी और इससे न्याय प्रक्रिया के सुचारू संचालन में भी बाधा आ सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले आदेशों में कुछ शर्तों के साथ पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी।
पत्र में कहा गया,
"वकील न्याय व्यवस्था का एक अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा हैं। उनके सुप्रीम कोर्ट आने-जाने पर कोई भी पाबंदी उनके पेशेवर कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन पर सीधा असर डालेगी।"
SCBA ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से आग्रह किया कि वे दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बात करें, ताकि सुप्रीम कोर्ट आने वाले वकीलों के लिए कोई उचित छूट या रियायत निकाली जा सके।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इसी तरह की छूट की मांग की थी। यह प्रतिबंध दिल्ली सरकार के सर्दियों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के उपायों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है, जो राष्ट्रीय राजधानी में बार-बार आने वाले वायु प्रदूषण संकट का एक बड़ा कारण है।
इन नियमों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे वाहन जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक शहर में प्रवेश करने से रोका जाएगा। हालांकि, इसमें कुछ वाहनों को छूट दी गई, जैसे कि CNG और बिजली से चलने वाले वाहन, और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन।

