हिंदी-भाषी क्षेत्रों से बाहर नवोदय स्कूलों में क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी का इस्तेमाल: तमिलनाडु के विरोध पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
Shahadat
12 March 2026 10:23 AM IST

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हिंदी न बोलने वाले क्षेत्रों में जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNV) में पढ़ाई का माध्यम मुख्य रूप से क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी होता है। यह जवाब तमिलनाडु की उन चिंताओं के संदर्भ में दिया गया, जिनमें कहा गया कि यह योजना उसकी वैधानिक 'दो-भाषा नीति' के अनुरूप नहीं है।
नवोदय स्कूलों में अपनाए जाने वाले भाषा पैटर्न को स्पष्ट करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि हिंदी न बोलने वाले क्षेत्रों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाई का माध्यम क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी होता है। उच्च कक्षाओं के लिए विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे विषय अंग्रेज़ी में पढ़ाए जाते हैं।
हलफनामे में कहा गया,
“गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में JNVs में पढ़ाई का माध्यम इस प्रकार है: (i) कक्षा VI से VIII तक: क्षेत्रीय भाषा या अंग्रेज़ी (ज़्यादातर अंग्रेज़ी में, कुछ बच्चे क्षेत्रीय भाषा में लिखते हैं)। कक्षा IX से XII तक: (विज्ञान और गणित: अंग्रेज़ी, सामाजिक विज्ञान और मानविकी: अंग्रेज़ी)।”
शिक्षा मंत्रालय के हलफनामे में यह जानकारी दी गई-
अदालत में दायर एक हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1986 में हर ज़िले में जवाहर नवोदय विद्यालय के नाम से आवासीय स्कूल खोलने की परिकल्पना की गई ताकि गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा दी जा सके और ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाया जा सके।
हलफनामे में कहा गया कि ये स्कूल नवोदय विद्यालय समिति द्वारा चलाए जाते हैं, जो शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था है। आज की तारीख़ में देश भर के 666 ज़िलों में 689 जवाहर नवोदय विद्यालय मंज़ूर किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, तमिलनाडु के किसी भी ज़िले में ऐसे स्कूल नहीं खोले गए, क्योंकि राज्य सरकार ने इस योजना को स्वीकार नहीं किया।
केंद्र सरकार ने कहा कि नए नवोदय स्कूल खोलना कई बातों पर निर्भर करता है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा योजना की स्वीकृति और ज़मीन व फंड की उपलब्धता शामिल है; और तमिलनाडु में ऐसे स्कूल स्थापित करने में उसकी भूमिका तभी बनेगी, जब राज्य सरकार इस योजना को अपनाने पर सहमत होगी।
केंद्र सरकार ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और नवोदय विद्यालय समिति ने राज्य सरकार को इस योजना को अपनाने के लिए मनाने के कई प्रयास किए हैं ताकि तमिलनाडु के मेधावी बच्चे इससे लाभान्वित हो सकें। हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को लगभग 30 एकड़ उपयुक्त ज़मीन मुफ़्त में उपलब्ध करानी होगी, और साथ ही बिजली व पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ अस्थायी, किराया-मुक्त आवास भी देना होगा, ताकि स्थायी स्कूल भवन बनने तक तीन से चार साल के लिए लगभग 240 छात्रों और कर्मचारियों को वहाँ ठहराया जा सके।
हलफनामे में आगे कहा गया कि केंद्र सरकार देश भर में जवाहर नवोदय विद्यालय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके। इसमें कहा गया कि शिक्षा मंत्रालय को तमिलनाडु में ऐसे स्कूल स्थापित करने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर सहमत हो जाए और ज़रूरी नियमों व शर्तों को पूरा करे।
Case Title – State of Tamil Nadu v. Kumari Maha Sabha

