'राम रहीम सिंह के बरी होने पर विचार ज़रूरी': मारे गए पत्रकार के बेटे की अपील पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
Shahadat
10 Aug 2026 7:28 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक पत्रकार की हत्या के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दायर याचिका को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने माना कि इस मामले पर विचार करने की ज़रूरत है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने पत्रकार के बेटे अरिदमन की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया था कि CBI ने एक गवाह पर राम रहीम को फंसाने वाला बयान देने के लिए दबाव डाला था।
सुनवाई के दौरान, राम रहीम की ओर से सीनियर एडवोकेट आर बसंत ने बताया कि राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ कोई अपील नहीं की थी।
इसके जवाब में CJI ने कहा कि कोर्ट को इस बात का भी पूरा एहसास है कि राज्य सरकार अपील नहीं भी कर सकती है।
जब यह तर्क दिया गया कि बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील करना एक दुर्लभ घटना है तो जस्टिस बागची ने कहा कि यह मामला फैसले को पलटने (रिवर्सल) का है - यानी स्पेशल कोर्ट ने राम रहीम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उस फैसले को पलट दिया और उन्हें बरी कर दिया।
कोर्ट ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि वह हाईकोर्ट द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाह नंबर 31 की गवाही के मूल्यांकन से जुड़ी खास परिस्थितियों पर विचार करेगा। इसके अनुसार, कोर्ट ने मामले को नवंबर में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णन और AoR रूपाली सैमुअल पेश हुईं।
Case : ARIDAMAN v. BABA GURMEET SINGH @ MAHARAJ GURMEET SINGH @ GURMEET RAM RAHIM SINGH AND ANR. Diary No. 40480-2026


