वंदे मातरम् को भी मिला राष्ट्रीय गान जैसा कानूनी संरक्षण, राष्ट्रपति ने संशोधन कानून को दी मंजूरी
Praveen Mishra
7 Aug 2026 11:39 AM IST

राष्ट्रपति ने Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Act, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के समान कानूनी संरक्षण मिल गया है। संसद के मानसून सत्र में पारित इस संशोधन के तहत Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 की धारा 3 में बदलाव किया गया है।
संशोधित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गान या राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालता है या ऐसे किसी समारोह में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। पहले यह प्रावधान केवल राष्ट्रीय गान के लिए लागू था, लेकिन अब वंदे मातरम् को भी इसी दायरे में शामिल कर लिया गया है।
इस संशोधन से पहले केंद्र सरकार ने एक परिपत्र जारी कर सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों को राष्ट्रीय गान के साथ बजाने की बात कही थी, जिस पर विवाद खड़ा हो गया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि, मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि वंदे मातरम् न गाने पर कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है।
इसी तरह, कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी संबंधित याचिका का निस्तारण करते हुए कहा था कि केंद्र का परिपत्र सभी छह अंतरों का गायन अनिवार्य नहीं बनाता। वहीं, इसी मुद्दे पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है, जहां अदालत ने हाल ही में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि मदरसों में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाने से "आसमान नहीं टूट पड़ेगा।"


