जेल की सेल में मोबाइल-नोटबुक मिलने का मामला: पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना और कैदी प्रताप राय 2 दिन की पुलिस हिरासत में
Praveen Mishra
9 Sept 2026 3:21 PM IST

बेंगलुरु की एक अदालत ने पूर्व जनता दल (सेक्युलर) सांसद प्रज्वल रेवन्ना और जेल में बंद प्रताप राय को जेल की सेल से कथित तौर पर प्रतिबंधित सामान मिलने के मामले में दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों को 10 सितंबर सुबह 10 बजे तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
क्या है पूरा मामला?
मामला परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त को सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में अचानक तलाशी अभियान चलाया था।
यह तलाशी बेंगलुरु सिटी के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस के निर्देश पर जेल की अलग-अलग बैरकों में की गई थी। इसका उद्देश्य कैदियों के पास अवैध रूप से मौजूद मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद करना था।
तलाशी के दौरान उस सेल से कथित तौर पर एक Redmi मोबाइल फोन, सफेद चार्जर, नीली पॉकेट नोटबुक, पेन ड्राइव और अन्य सामान बरामद हुआ, जहां रेवन्ना और प्रताप राय बंद थे।
किसके पास क्या मिला?
FIR के मुताबिक, प्रज्वल रेवन्ना ने पॉकेट नोटबुक को अपना बताया, जबकि सह-आरोपी प्रताप राय ने मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और चार्जर पर अपना दावा किया।
पुलिस का आरोप है कि दोनों कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल अपने रिश्तेदारों और वकीलों से संपर्क करने के लिए कर रहे थे।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि बरामद मोबाइल में WhatsApp, Netflix समेत कई अन्य ऐप्स मौजूद थे और इन ऐप्स पर पासवर्ड लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार, दोनों कैदियों ने इन पासवर्ड्स की जानकारी नहीं दी।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
रेवन्ना और राय के खिलाफ Karnataka Prisons (Amendment) Act, 2022 की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा जेल परिसर में मोबाइल फोन या अन्य संचार उपकरण रखने से संबंधित है।
इसके अलावा BNS की धारा 323 भी लगाई गई है, जो जेल में प्रतिबंधित वस्तुओं के कब्जे से संबंधित है।
कौन हैं प्रज्वल रेवन्ना?
प्रज्वल रेवन्ना कर्नाटक के मंत्री एच.डी. रेवन्ना के बेटे और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते हैं। वह हासन लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं।
रेवन्ना को एक रेप मामले में बेंगलुरु की विशेष अदालत पहले ही दोषी ठहरा चुकी है और उम्रकैद की सजा सुना चुकी है।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता रेवन्ना परिवार के फार्महाउस में घरेलू काम करती थी। आरोप था कि COVID-19 लॉकडाउन के दौरान वर्ष 2021 से रेवन्ना ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और कथित तौर पर इन घटनाओं के वीडियो भी बनाए।
अभियोजन का यह भी आरोप था कि इन वीडियो का इस्तेमाल पीड़िता को डराने और शिकायत करने से रोकने के लिए किया गया।
फिलहाल ताजा मामला जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान मिलने और कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने दोनों आरोपियों को 10 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।


