Paper Leak Protests : छात्रों के खिलाफ FIR और ज़बरदस्ती की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बिहार कांग्रेस नेता

Shahadat

30 July 2026 10:56 AM IST

  • Paper Leak Protests : छात्रों के खिलाफ FIR और ज़बरदस्ती की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बिहार कांग्रेस नेता

    बिहार के सहरसा ज़िला कांग्रेस कमेटी के ज़िला सचिव डॉ. अबुल फराह शाज़ली ने अर्ज़ी दाखिल की। यह अर्ज़ी राज्यसभा सांसद डॉ. मनोज कुमार झा की उस लंबित रिट याचिका में दखल देने के लिए है, जिसमें NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की अत्यधिक कार्रवाई के आरोपों का ज़िक्र है।

    दखल देने वाले ने लंबित रिट याचिका में मांगी गई राहतों का समर्थन किया। इन राहतों में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल के अत्यधिक प्रयोग के आरोपों की स्वतंत्र जांच, ज़रूरत पड़ने पर उचित आपराधिक मामले दर्ज करना और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा शामिल है।

    प्रस्तावित दखल के अनुसार, यह अर्ज़ी व्यापक जनहित में दाखिल की गई और इसका उद्देश्य लंबित कार्यवाही का दायरा बढ़ाए बिना सुप्रीम कोर्ट की सहायता करना है। इसमें कहा गया कि शांतिपूर्ण विरोध एक महत्वपूर्ण संवैधानिक स्वतंत्रता है और कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा बल के अत्यधिक प्रयोग के किसी भी आरोप की कानून के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

    अर्ज़ी में आगे कहा गया कि कानून के शासन में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़े गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच ज़रूरी है। यह इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने का भी समर्थन करता है ताकि कोई भी जांच प्रभावी और निष्पक्ष रूप से की जा सके।

    बता दें, 28 जुलाई को चीफ जस्टिस इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी-कैमरा फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के निर्देश देते हुए अंतरिम आदेश पारित किए।

    झा ने अपनी याचिका में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश देने की मांग की कि वे 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के खिलाफ अब तक दर्ज FIR की संख्या और विवरण (आरोपी बनाए गए लोगों का विवरण, लगाई गई धाराएं आदि) का खुलासा करें; विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों का रिकॉर्ड रखने, उन्हें डराने-धमकाने या हिरासत में लेने से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं; और सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान बल के प्रयोग पर पूरे देश के लिए दिशानिर्देश/एकसमान राष्ट्रीय मानक और SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) बनाई जाए।

    सुप्रीम कोर्ट में मौजूदा दखल देने वाले का प्रतिनिधित्व वकील श्रीमती आरती साह और श्री अनिमेष शुक्ला कर रहे हैं।

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