NEET-UG 2026: OMR शीट नष्ट होने की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध की

  • NEET-UG 2026: OMR शीट नष्ट होने की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध की

    सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2026 परीक्षा की OMR आंसर शीट को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा से संबंधित मूल रिकॉर्ड कल नष्ट कर सकती है, क्योंकि 90 दिनों की निर्धारित अवधि पूरी होने वाली है।

    चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया। खंडपीठ ने मामले को अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। मामले की सुनवाई जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ करेगी।

    'NTA कल रिकॉर्ड नष्ट कर देगी, क्योंकि 90वां दिन है'

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि NEET-UG 2026 की OMR आंसर शीट विवाद का विषय है और NTA के नियमों के अनुसार परीक्षा के 90 दिन बाद मूल रिकॉर्ड नष्ट किए जा सकते हैं।

    वकील ने कहा, “OMR शीट सवालों के घेरे में है। NTA इसे कल नष्ट कर देगी, क्योंकि कल 90वां दिन है।”

    शुरुआत में चीफ जस्टिस ने मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने तत्काल सुनवाई पर जोर देते हुए कहा कि यदि मामले की सुनवाई अगले दिन नहीं हुई, तो संबंधित रिकॉर्ड नष्ट किए जाने का खतरा है।

    CJI ने पूछा—NTA कल रिकॉर्ड क्यों नष्ट करेगी?

    चीफ जस्टिस ने वकील से सवाल किया कि NTA अगले दिन रिकॉर्ड क्यों नष्ट करेगी। इस पर वकील ने बताया कि एजेंसी के नियमों के तहत 90 दिन बाद रिकॉर्ड नष्ट किए जाने का प्रावधान है।

    वकील ने यह भी बताया कि NEET-UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया था और अगले दिन 90 दिनों की अवधि पूरी हो रही है।

    याचिका दाखिल करने में देरी पर भी सवाल

    सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से अदालत का रुख करने में हुई देरी को लेकर भी सवाल किया। अदालत ने परीक्षा की तारीख और याचिका दाखिल किए जाने के बीच के अंतर के बारे में पूछा।

    इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता ने पहले संबंधित हाईकोर्ट का रुख किया था और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट आया।

    वकील के अनुसार, गुजरात हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 12 अक्टूबर को याचिकाकर्ता की इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज कर दी थी।

    इन दलीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को अगले दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

    अब मामले में सुनवाई के दौरान यह देखा जाएगा कि OMR आंसर शीट से संबंधित विवाद पर अदालत क्या रुख अपनाती है और रिकॉर्ड के संरक्षण को लेकर कोई निर्देश दिया जाता है या नहीं।

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    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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