CID द्वारा पूछताछ की अनुमति मांगे जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने जताई आपत्ति, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को लिखा पत्र

Praveen Mishra

19 Jun 2026 2:12 PM IST

  • CID द्वारा पूछताछ की अनुमति मांगे जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बंद्योपाध्याय ने जताई आपत्ति, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को लिखा पत्र

    सीनियर एडवोकेट और तृणमूल कांग्रेस सांसद Kalyan Bandopadhyay ने कलकत्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सीआईडी के एक अधिकारी ने उनसे एक आपराधिक मामले में पूछताछ करने की अनुमति मांगी, जबकि वह उसी मामले से संबंधित कार्यवाही में अधिवक्ता के रूप में पेश हो रहे हैं।

    अपने पत्र में बंद्योपाध्याय ने बार एसोसिएशन से अधिवक्ताओं की "गरिमा, सम्मान और विशेषाधिकार" की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है।

    पत्र के अनुसार, Sovandeb Chatterjee v. Speaker, West Bengal Legislative Assembly (WPO 276 of 2026) मामले में सीनियर एडवोकेट के रूप में पेश हो रहे हैं। यह याचिका पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की मान्यता को चुनौती देने से संबंधित है।

    मामले में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के एक प्रस्ताव की कार्यवाही (मिनट्स) रिकॉर्ड पर रखी गई थी, जिसमें विपक्ष के नेता की नियुक्ति का उल्लेख था। बाद में एक विधायक ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षर जाली हैं। इस शिकायत के आधार पर विधानसभा सचिव ने हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई, जिसकी जांच बाद में सीआईडी को सौंप दी गई।

    बंद्योपाध्याय ने बताया कि उन्होंने इस रिट याचिका में लगातार तीन दिनों तक बहस की थी और मामले में न्यायमूर्ति Krishna Rao ने गुरुवार को आदेश पारित किया।

    उन्होंने पत्र में कहा कि शुक्रवार को सीआईडी अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति, पार्थ भट्टाचार्य, ने उन्हें फोन कर उक्त आपराधिक मामले में पूछताछ के लिए उनकी अनुमति मांगी।

    इस पर आपत्ति जताते हुए बंद्योपाध्याय ने कहा, "जिस आपराधिक मामले में एक वरिष्ठ अधिवक्ता अदालत में बहस कर रहा हो, उस मामले में पुलिस उससे पूछताछ कैसे कर सकती है?"

    उन्होंने पत्र के अंत में बार एसोसिएशन से इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने और अधिवक्ताओं की गरिमा एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

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