Kalady Sanskrit University : सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित छात्रों की परीक्षा में राहत पाने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया

  • Kalady Sanskrit University : सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित छात्रों की परीक्षा में राहत पाने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (5 नवंबर) को केरल हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश में दखल देने से इनकार किया। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच द्वारा श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कलाडी के 16 निलंबित छात्रों को सेमेस्टर परीक्षाओं में शामिल होने के लिए दी गई अंतरिम राहत रद्द की।

    हालांकि, कोर्ट ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच से आग्रह किया कि वे निलंबन को चुनौती देने वाली छात्रों की रिट याचिका पर जल्द-से-जल्द फैसला लें। विश्वविद्यालय ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह भरोसा दिलाया कि अगर हाईकोर्ट निलंबन रद्द कर देता है, तो इन छात्रों के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    निलंबित छात्रों की याचिका का निपटारा करते हुए जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने विश्वविद्यालय के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया।

    याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील पी.वी. दिनेश ने कहा कि छात्र बिना किसी जांच के 64 दिनों से निलंबित हैं, जिससे निलंबन अपने आप में एक सजा बन गया।

    उन्होंने कहा,

    "विश्वविद्यालय मामले को टाल रहा है और ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है जहां कुछ भी करना असंभव हो गया।"

    विश्वविद्यालय के वकील पी.एस. सुधीर ने कहा कि याचिकाकर्ता परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी न्यूनतम उपस्थिति (अटेंडेंस) के मानदंड को पूरा नहीं करते हैं।

    इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की,

    "विश्वविद्यालय का अपना अनुशासन होता है।"

    दिनेश ने बताया कि छात्र सुविधाओं की कमी को उजागर करने के लिए खराब पड़ी लाइट और माइक सिस्टम का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे थे, और विश्वविद्यालय इस बात को लेकर "बहुत ज्यादा संवेदनशील" हो गया।

    विश्वविद्यालय के वकील ने कोर्ट को बताया कि छात्रों की याचिका 17 नवंबर को सिंगल बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर छात्र जीत जाते हैं, तो उनके लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।

    इन परिस्थितियों को देखते हुए, कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा।

    बेंच ने अपने आदेश में कहा,

    "हम इसमें दखल नहीं देना चाहते; सिंगल जज से अनुरोध है कि वे इस मामले को जल्द से जल्द लें और इसका निपटारा करें। हम विश्वविद्यालय का यह बयान रिकॉर्ड पर ले रहे हैं कि अगर फैसला छात्रों के पक्ष में आता है, तो विश्वविद्यालय विशेष परीक्षा आयोजित करेगा ताकि छात्रों के हितों को कोई नुकसान न पहुंचे।"

    स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े छात्रों ने 30 अक्टूबर को सिंगल जज द्वारा दी गई अंतरिम राहत को बहाल करने की मांग की। इस राहत के तहत, विश्वविद्यालय को निर्देश दिया गया कि वह छात्रों की परीक्षा फीस स्वीकार करे और उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दे। यह अनुमति उनकी उस लंबित रिट याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर है, जिसमें उन्होंने अपने निलंबन को चुनौती दी।

    उन्होंने शेष परीक्षा पत्रों के लिए अस्थायी रूप से परीक्षा में बैठने की अनुमति भी मांगी। साथ ही उन्होंने उन परीक्षाओं के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग की, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले छूट गई थीं।

    यह याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुभाष चंद्रन के माध्यम से दायर की गई।

    Case Title : Archana P.S and Ors. v. Sree Sankaracharya University of Sanskrit

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