SCBA Election: महिला वकीलों को और प्रतिनिधित्व देने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने दूसरे उपाध्यक्ष पद का दिया सुझाव
Amir Ahmad
8 May 2026 5:27 PM IST

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम सुझाव दिया।
अदालत ने कहा कि वर्ष 2027-28 से महिलाओं के लिए विशेष रूप से आरक्षित दूसरा उपाध्यक्ष पद बनाया जा सकता है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ SCBA चुनाव और बार एसोसिएशन में सुधारों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2026-27 के चुनाव में भी सचिव पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।
अदालत ने कहा,
“बार के सदस्यों ने सहमति जताई है कि आगामी चुनाव में भी सचिव पद महिलाओं के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।”
अदालत ने सुझाव दिया कि बार एसोसिएशन की आमसभा बुलाई जाए, जिसमें एक अतिरिक्त उपाध्यक्ष पद बनाने पर विचार किया जाए। यह नया पद वर्ष 2027-28 से केवल महिला सदस्यों के लिए आरक्षित किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि अध्यक्ष की सहायता के लिए दो उपाध्यक्ष होने चाहिए।
उन्होंने हल्के अंदाज में कहा,
“आजकल दो उपमुख्यमंत्री रखने का चलन काफी लोकप्रिय है।”
पीठ ने कहा कि कई हाईकोर्ट बार एसोसिएशनों में पहले से दो उपाध्यक्ष होते हैं और SCBA के बढ़ते आकार को देखते हुए ऐसा ढांचा उपयुक्त रहेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि वह कोई बदलाव तुरंत लागू नहीं करना चाहती। पहले बार एसोसिएशन की आमसभा में इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए ताकि सभी सदस्य अपनी राय रख सकें।
चीफ जस्टिस ने कहा,
“हम अगले वर्ष से इसे लागू करेंगे, क्योंकि हम नहीं चाहते कि बार की आमसभा को लगे कि उन पर कोई फैसला थोपा गया है।”
पीठ ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त संयुक्त सचिव पद बनाने और दिव्यांग वकीलों को सुधार प्रक्रिया में शामिल करने जैसे सुझावों पर भी आमसभा में विचार किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि बार एसोसिएशन में सुधार केवल अदालत के आदेशों से नहीं, बल्कि बार के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और सहमति से ही प्रभावी होंगे।

