जस्टिस बी.वी. नागरत्ना को सुप्रीम कोर्ट जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं आंतरिक शिकायत समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया

  • जस्टिस बी.वी. नागरत्ना को सुप्रीम कोर्ट जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं आंतरिक शिकायत समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया

    जस्टिस बी.वी. नागरत्ना को जस्टिस हिमा कोहली के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं आंतरिक शिकायत समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया, जो पहले समिति की अध्यक्ष थीं।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने समिति का पुनर्गठन इस प्रकार कियाः-

    जस्टिस बी.वी. नागरत्ना - चेयरमैन।

    जस्टिस नोंगमईकापम कोटिश्वर सिंह।

    डॉ. सुखदा प्रीतम, एडिशनल रजिस्ट्रार [सुप्रीम कोर्ट की सेवा में अधिकारी]

    डॉ. मेनका गुरुस्वामी, सीनियर एडवोकेट [सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की सीनियर सदस्य]

    मिस्टर नीना गुप्ता, एडवोकेट।

    मिस्टर सौम्यजीत पाणि, एडवोकेट।

    मिस. साक्षी बंगा, एडवोकेट [सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की प्रतिनिधि]।

    मिस. अनिंदिता पुजारी, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड [सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन की प्रतिनिधि]।

    मिस. मधु चौहान [सुप्रीम कोर्ट बार क्लर्क्स एसोसिएशन की प्रतिनिधि]।

    मिस. बांसुरी स्वराज, सीनियर एडवोकेट [सीजेआई के नामित]

    मिस्टर जयदीप गुप्ता, सीनियर एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के सीनियर सदस्य) [सीजेआई की ओर से नामित]

    डॉ. लेनी चौधरी, (कार्यकारी निदेशक, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो सेंटर इन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) [सीजेआई की ओर से नामित]

    समिति का गठन सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के जेंडर संवेदनशीलता और यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) विनियम, 2013 के अनुसार किया गया।

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