"भारतीय फुटबॉल में बदलाव की उम्मीद": सुप्रीम कोर्ट ने AIFF संविधान को अंतिम रूप दिया, 4 हफ्तों में अपनाने का निर्देश

  • भारतीय फुटबॉल में बदलाव की उम्मीद: सुप्रीम कोर्ट ने AIFF संविधान को अंतिम रूप दिया, 4 हफ्तों में अपनाने का निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (19 सितंबर) को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के संविधान का ड्राफ्ट अंतिम रूप दे दिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि महासंघ जल्द से जल्द, अधिमानतः 4 हफ्तों के भीतर, जनरल बॉडी मीटिंग बुलाकर संविधान को अपनाए। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह फैसला 2017 के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश (जिसमें तत्कालीन अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल सहित AIFF पदाधिकारियों का चुनाव रद्द किया गया था) के खिलाफ AIFF की याचिका पर दिया।

    कोर्ट ने कहा कि खेल संवैधानिक आदर्श बंधुत्व से जुड़ा है और यह विविध सामाजिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को एकजुट करता है। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि नया संविधान भारतीय फुटबॉल में संस्थागत बदलाव लाएगा और खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

    कोर्ट ने वर्तमान AIFF पदाधिकारियों के चुनाव को अंतिम माना और कहा कि उनका कार्यकाल केवल एक वर्ष शेष है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

    इसके अलावा, इंडियन सुपर लीग (ISL) को लेकर असमंजस को देखते हुए, कोर्ट ने AIFF और FSDL के संयुक्त प्रस्ताव को स्वीकार किया और AIFF को टेंडर जारी करने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि फुटबॉल प्रतियोगिताओं, जैसे सुपर कप और अन्य टूर्नामेंट, का समय पर आयोजन सुनिश्चित किया जाए और ISL के लिए पारदर्शी तरीके से व्यावसायिक साझेदार चुना जाए।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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