CLAT सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, जनता से 4 नवंबर तक सुझाव आमंत्रित

Praveen Mishra

28 Oct 2025 12:50 PM IST

  • CLAT सुधारों के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, जनता से 4 नवंबर तक सुझाव आमंत्रित

    नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLUs) के कंसोर्टियम की एडवाइजरी बोर्ड, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा कर रही हैं, ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) में मध्यम और दीर्घकालिक सुधारों की सिफारिश के लिए एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) का गठन किया है। यह सुधार 2027 से आयोजित होने वाली स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) दोनों परीक्षाओं में लागू किए जाएंगे।

    समिति की संरचना:

    इस समिति में देश-विदेश के प्रमुख विधि शिक्षाविद शामिल हैं—

    • प्रो. देव सैफ गैंजी, प्रोफेसर ऑफ लॉ, सेंट हिल्डा कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड (सह-अध्यक्ष)

    • प्रो. तरुणाभ खैटन, प्रोफेसर ऑफ पब्लिक लॉ, एलएसई स्कूल ऑफ लॉ (सह-अध्यक्ष)

    • प्रो. श्यामकृष्ण बालगणेश, सोल गोल्डमैन प्रोफेसर ऑफ लॉ, कोलंबिया लॉ स्कूल

    • प्रो. प्रीतम बरुआ, प्रोफेसर और डीन, स्कूल ऑफ लॉ, बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी

    • प्रो. सुरभि रंगनाथन, प्रोफेसर ऑफ इंटरनेशनल लॉ, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज

    समिति का कार्यक्षेत्र:

    विशेषज्ञ समिति का उद्देश्य सीएलएटी परीक्षा की शैक्षणिक गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रासंगिकता को मजबूत करने के लिए विस्तृत समीक्षा और सुधार की सिफारिशें करना है। इसके अंतर्गत—

    • वर्तमान में सीएलएटी (UG और PG) में पूछे जाने वाले प्रश्नों की गुणवत्ता और डिज़ाइन की समीक्षा करना, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे भावी कानून के छात्रों की अपेक्षित योग्यता और क्षमताओं का सही मूल्यांकन करें।

    • परीक्षा के संपूर्ण ढांचे की समीक्षा करना, जिसमें सेक्शन का संतुलन, प्रश्नों का प्रारूप और मूल्यांकन पद्धति शामिल है।

    • दोनों स्तरों के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम (syllabus) की समीक्षा करना ताकि यह शिक्षण दृष्टि से उपयुक्त और भारत में विधि शिक्षा के उद्देश्यों के अनुरूप बना रहे।

    • अमेरिका की LSAT और ब्रिटेन की LNAT जैसी समान परीक्षाओं का तुलनात्मक अध्ययन करना, ताकि उनसे मिलने वाली सर्वोत्तम प्रक्रियाएं CLAT में अपनाई जा सकें।

    जन सुझावों के लिए आमंत्रण:

    पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए समिति ने उपरोक्त सभी विषयों पर जनता से सुझाव, टिप्पणियां और प्रतिक्रिया आमंत्रित की हैं। सुझाव गूगल फॉर्म के माध्यम से भेजे जा सकते हैं।

    सार्वजनिक सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2025 से 4 नवंबर 2025 तक निर्धारित की गई है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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