ED ने NewsClick और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस रद्द करने को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

  • ED ने NewsClick और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस रद्द करने को दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसमें डिजिटल न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके फाउंडर-एडिटर प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ विदेशी फंडिंग में कथित गड़बड़ी को लेकर दर्ज FIR रद्द कर दी गई थी।

    29 मई को दिए गए एक फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा दर्ज FIR और ED द्वारा शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने कहा कि कार्यवाही को जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है।

    हाईकोर्ट ने पाया कि आरोपों से FIR में बताए गए अपराधों के होने का पता नहीं चलता और कार्यवाही कानूनी रूप से टिकने लायक नहीं थी।

    अगस्त 2020 में दर्ज FIR में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) लगाई गईं।

    यह मामला NewsClick चलाने वाली कंपनी PPK Newsclick Studio Private Limited को अमेरिका की Worldwide Media Holdings LLC से मिले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) से जुड़े आरोपों से शुरू हुआ था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि निवेश को इस तरह से तैयार किया गया था कि डिजिटल न्यूज़ मीडिया में विदेशी निवेश पर लगी पाबंदियों से बचा जा सके और फंड का एक हिस्सा सैलरी, कंसल्टेंसी फीस, किराए और अन्य खर्चों के लिए इस्तेमाल किया गया।

    इसके बाद ED ने FIR में बताए गए कथित अपराधों को अपनी जांच के लिए 'प्रेडिकेट ऑफेंस' (मूल अपराध) मानते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की।

    आरोपों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से कथित 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' (सूचीबद्ध अपराध) होने की बात साबित नहीं होती। कोर्ट ने यह भी कहा कि कंपनी के शेयर वैल्यूएशन और खर्च से जुड़े आरोप अपने आप में कोई आपराधिक गड़बड़ी साबित नहीं करते।

    कोर्ट ने आगे कहा कि एक बार जब मूल FIR रद्द हो गई तो उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही भी नहीं चल सकती।

    सुप्रीम कोर्ट में ED की चुनौती का मकसद हाई कोर्ट के फैसले को पलटना है। हाईकोर्ट ने जिन कानूनी कार्यवाही को रद्द किया, वे दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा NewsClick और पुरकायस्थ के खिलाफ विदेशी फंडिंग और कथित साजिश के आरोपों में दर्ज UAPA केस से अलग हैं। वह केस EOW FIR और ED की कार्यवाही से स्वतंत्र है।

    Case Title : DIRECTORATE OF ENFORCEMENT vs M/S PPK NEWSCLICK STUDIOS PVT. LTD Case Number : DIARY NO. 63217/2026

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