याचिकाएं खुद तैयार करें, AI को आउटसोर्स न करें: नए AoRs से CJI सूर्यकांत
Shahadat
18 April 2026 10:07 AM IST

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने नए शामिल हुए एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoRs) को सलाह दी कि वे याचिकाएं खुद तैयार करें और कानूनी काम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या अन्य बाहरी पक्षों को आउटसोर्स न करें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालत में दायर की गई हर याचिका उस वकील के पेशेवर निर्णय और ज़िम्मेदारी को दर्शाती है, जिसका नाम उस पर लिखा होता है।
16 अप्रैल को आयोजित दीक्षा समारोह के दौरान नए योग्य AoRs को संबोधित करते हुए CJI ने उनकी सफलता को उनके पेशेवर सफर में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जो उनके अनुशासन और कड़ी मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड की भूमिका केवल प्रक्रियात्मक नियमों का पालन करने से कहीं ज़्यादा बड़ी होती है। इसमें एक उच्च नैतिक ज़िम्मेदारी भी शामिल होती है, क्योंकि AoRs मुकद्दमेबाज़ों और अदालत के बीच जवाबदेही के मुख्य बिंदु के रूप में काम करते हैं।
कानूनी पेशे के बुनियादी मूल्यों पर ज़ोर देते हुए CJI ने कहा कि ईमानदारी, पूरी तैयारी और न्यायिक संस्था के प्रति गहरा सम्मान हर AoR का मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने अपनी दलीलों में समय की पाबंदी और स्पष्टता के महत्व पर भी ज़ोर दिया। साथ ही कहा कि ये गुण अदालत को न्याय के कुशल प्रशासन में मदद करते हैं।
CJI ने कहा कि जहां सीनियरिटी समय के साथ हासिल होती है, वहीं पेशेवर विश्वसनीयता पेशे के पहले ही दिन से स्थापित की जानी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड पद का काफी महत्व है, और याचिकाओं को दायर करने को कभी भी एक नियमित या यांत्रिक कार्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वकीलों को अदालत के सामने कोई भी मामला रखने से पहले हर ब्रीफ को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
AoRs से अपेक्षित मानकों पर प्रकाश डालते हुए CJI ने निर्देश दिया कि याचिकाएं ठीक से तैयार की जानी चाहिए, तथ्यों की बारीकी से जांच की जानी चाहिए और कानूनी आधार मज़बूत होने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से अन्य वकीलों के निर्देशों के आधार पर आँख मूंदकर मामले दायर करने के खिलाफ चेतावनी दी और दोहराया कि याचिका की सामग्री की ज़िम्मेदारी अंततः उस AoR की होती है जो उसे दायर करता है।
अपने संबोधन के अंत में चीफ जस्टिस ने नए शामिल हुए सदस्यों को याद दिलाया कि एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड केवल बार के सदस्य ही नहीं, बल्कि अदालत के अधिकारी भी होते हैं, जिन पर न्यायिक प्रणाली का बहुत भरोसा होता है। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे हर मामले में अपनी लगन और पेशेवर ईमानदारी के माध्यम से उस भरोसे को कायम रखें, और नए बैच को उनके कानूनी करियर के इस महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

