दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 'सार्थक' जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया

  • दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को सार्थक जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दिया गया समय बढ़ा दिया। यह मामला कोर्ट ने Delhi-NCR में हाल ही में हुई बलात्कार की घटनाओं को देखते हुए 'स्वतः संज्ञान' (suo motu) लेकर शुरू किया। जवाब आज दाखिल किया जाना था, लेकिन अब इसके लिए समय सीमा 23 नवंबर तक बढ़ा दी गई।

    जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर यह समय बढ़ाया। मेहता ने बेंच को बताया कि हलफनामों के ड्राफ्ट तैयार तो हैं, लेकिन वे खुद इन ड्राफ्ट से संतुष्ट नहीं हैं।

    मेहता ने कहा,

    "हम कुछ ऐसा चाहते हैं जिसे देश के बाकी हिस्सों में भी लागू किया जा सके।"

    इस मामले में 'एमिक्स क्यूरी' (अदालत की सहायता करने वाली वकील) के तौर पर पेश हुईं सीनियर एडवोकेट लिज़ मैथ्यू ने कहा कि रिपोर्ट दाखिल होने के बाद उसका विश्लेषण करने के लिए उन्हें एक और हफ्ते का समय चाहिए।

    इस पर जस्टिस पारदीवाला ने जवाब की गुणवत्ता पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा,

    "जवाब सार्थक होना चाहिए।"

    जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी की,

    "अगर सॉलिसिटर जनरल ही अपने तैयार किए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हैं तो यह पूरी कवायद ही बेकार हो जाएगी।"

    इसलिए बेंच ने निर्देश दिया कि 23 नवंबर तक एकसार्थक और विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए।

    एमिक्स क्यूरी को जवाब का विश्लेषण करने के लिए समय देते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर के लिए तय की।

    इससे पहले, कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए कई निर्देश जारी किए।

    Case Title : In Re: Recent Rape Incidents in Delhi NCR

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