Delhi SIR: हटाये गए वोटरों से 'फॉर्म 6' भरवाने के मामले में पहले सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

  • Delhi SIR: हटाये गए वोटरों से फॉर्म 6 भरवाने के मामले में पहले सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR मामले में सुनवाई की तारीख पहले की। आरोप है कि SIR प्रक्रिया के तहत जिन वोटरों के नाम हटा दिए गए थे, उनसे वोटर लिस्ट में नाम दोबारा शामिल करने के लिए 'फॉर्म 6' भरने को कहा जा रहा है।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकील प्रशांत भूषण की बात सुनने के बाद सुनवाई की तारीख 30 अक्टूबर से बदलकर 28 अक्टूबर की।

    जब भूषण ने कहा कि 28 अक्टूबर को सुनवाई से शायद ही कोई फ़र्क पड़े क्योंकि हटाए गए नामों में सुधार की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है, तो CJI ने कहा,

    "हम एक ऐसा आदेश जारी करने के बारे में सोच रहे हैं जो [इन सभी बातों] का ध्यान रखेगा।"

    भूषण, दिल्ली SIR के खिलाफ लंबित याचिका में ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी द्वारा दायर अर्जी का ज़िक्र कर रहे थे।

    उन्होंने कहा,

    "वे लोगों से 'फॉर्म 6' भरने के लिए कह रहे हैं। लेकिन 'फॉर्म 6' में एक घोषणा होती है कि उन्होंने पहले कभी वोट नहीं दिया। अगर वे गलत घोषणा करते हैं, तो उन्हें जेल हो सकती है। हम चाहते हैं कि ECI उन्हें 'फॉर्म 8' भरने की इजाज़त दे, जो जगह बदलने वाले वोटरों के लिए है, या कोई दूसरा फॉर्म बनाए।"

    उन्होंने मामले को शुक्रवार को लिस्ट करने का अनुरोध किया।

    आखिरकार, बेंच ने मुख्य मामले को 28 अक्टूबर के लिए तय किया।

    मुख्य याचिका में आरोप लगाया गया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उन वोटरों के नाम और उन्हें नोटिस जारी करने के खास कारणों का ठीक से खुलासा करने में नाकाम रहे हैं, जिन्हें नोटिस जारी किए गए। अंजलि भारद्वाज और अमृता जौहरी द्वारा दायर इस याचिका में उन मानदंडों, परिभाषाओं, एल्गोरिदम पैरामीटर और ऑपरेशनल गाइडलाइंस का खुलासा करने की मांग की गई, जिनके आधार पर वोटरों को 'लॉजिकल विसंगतियों' (Logical Discrepancies) की श्रेणी में बांटा गया।

    हाल ही में, कोर्ट ने ECI से कहा था कि दिल्ली SIR के दौरान वोटरों को नोटिस "लगभग यांत्रिक तरीके से" (बिना सोचे-समझे) जारी किए गए लगते हैं और "लॉजिकल विसंगति" की पहचान करने के आधार को स्पष्ट करने की ज़रूरत है।

    Case Title : ANJALI BHARDWAJ & ANR V ELECTION COMMISSION OF INDIA & ANR

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