CJI सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट को लेकर केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ को कानूनी नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

  • CJI सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट को लेकर केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ को कानूनी नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

    SCBA के संयुक्त सचिव एवं एडवोकेट मीनश दुबे ने सार्वजनिक माफी और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा; आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अधिकार सुरक्षित रखा

    सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के संयुक्त सचिव और एडवोकेट मीनश दुबे ने केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में चीफ जस्टिस सूर्यकांत को निशाना बनाकर केरल कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट से किए गए विवादित पोस्ट को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    दुबे ने विशेष रूप से सवाल उठाया है कि पोस्ट को लेकर CJI से सार्वजनिक माफी क्यों नहीं मांगी गई और पोस्ट प्रकाशित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ स्पष्ट रूप से फटकार या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

    क्या था विवादित पोस्ट?

    कानूनी नोटिस के अनुसार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक और सत्यापित X अकाउंट (@INCKerala) से पोस्ट किया गया था:

    “प्रिय सूर्यकांत, यदि कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका विकल्प ढूंढ लेंगे, जो इसे संभाल सके।”

    विवाद बढ़ने के बाद इस पोस्ट को हटा दिया गया।

    दुबे ने नोटिस में कहा कि इस तरह की पोस्ट न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है। उन्होंने सनी जोसेफ से नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर विस्तृत लिखित जवाब देने को कहा है।

    कांग्रेस नेतृत्व ने पोस्ट से बनाई दूरी

    नोटिस में उन खबरों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें कहा गया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने विवादित पोस्ट से खुद को अलग कर लिया था। पार्टी के एक प्रवक्ता ने कथित तौर पर कहा था कि पार्टी पोस्ट में व्यक्त विचार से सहमत नहीं है और उसे न्यायपालिका पर भरोसा है।

    नोटिस के मुताबिक, सनी जोसेफ ने भी कथित तौर पर कहा था कि राज्य नेतृत्व की जानकारी, सहमति या परामर्श के बिना पोस्ट प्रकाशित की गई थी। उन्होंने यह भी बताया था कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को अकाउंट प्रबंधन की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।

    हालांकि, दुबे ने नोटिस में कहा कि केवल संबंधित व्यक्ति को जिम्मेदारी से हटाना आधिकारिक पार्टी अकाउंट से प्रकाशित बयान के लिए जवाबदेही से जुड़े सवालों का समाधान नहीं करता।

    नोटिस में उठाए गए प्रमुख सवाल

    मीनश दुबे ने सनी जोसेफ से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:

    विवादित पोस्ट लिखने और प्रकाशित करने वाले व्यक्ति का नाम और पद क्या था?

    पोस्ट को प्रकाशित करने की मंजूरी किस व्यक्ति या व्यक्तियों ने दी थी

    राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में CJI से स्पष्ट सार्वजनिक माफी क्यों नहीं मांगी गई?

    पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को केवल अकाउंट प्रबंधन से हटाने के अलावा क्या औपचारिक फटकार लगाई गई या कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई?

    दुबे ने पोस्ट तैयार करने और प्रकाशित करने से संबंधित सभी प्रासंगिक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, अकाउंट एक्सेस लॉग, संचार और अनुमोदन से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की है। यह मांग लागू कानून के अधीन की गई है।

    संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आपराधिक अवमानना की कार्यवाही का विकल्प

    नोटिस में स्वीकार किया गया है कि राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अधिकार है। हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दलों और उनके पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उचित सावधानी और सम्मान रखते हुए आधिकारिक बयान जारी करें।

    नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कानूनी दायित्व का निर्धारण संबंधित तथ्यों और लागू कानून के आधार पर ही किया जाएगा।

    दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि सनी जोसेफ का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो वह उचित मंच के समक्ष जा सकते हैं। उन्होंने कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपायों के साथ-साथ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है।

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    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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