SCAORA की अपील पर CJI ने रजिस्ट्री के साथ वकीलों की शिकायतों को देखने के लिए कमेटी बनाई
Shahadat
1 Sept 2026 10:39 AM IST

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) की अपील पर कमेटी बनाई। यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के साथ रोज़ाना के कामकाज में वकीलों को आने वाली दिक्कतों की जांच करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल भरत पाराशर की अध्यक्षता वाली यह कमेटी, रजिस्ट्री के कामकाज से जुड़ी बार (वकीलों) के सदस्यों की चिंताओं पर विचार करेगी। इन चिंताओं में फाइलिंग, जांच-पड़ताल (स्क्रूटनी), कमियां बताना (डिफेक्ट मार्किंग), कमियों को ठीक करना, लिस्टिंग और अन्य प्रक्रियात्मक मामले शामिल हैं।
यह कदम SCAORA के प्रेसिडेंट देवव्रत द्वारा CJI को 25 अगस्त, 2026 को लिखे गए एक पत्र के बाद उठाया गया। इस पत्र में रजिस्ट्री के साथ कामकाज में वकीलों को आने वाली दिक्कतों की जांच के लिए एक संस्थागत व्यवस्था बनाने की मांग की गई।
अपनी बात रखते हुए SCAORA ने कहा कि उसके सदस्यों ने बार-बार फाइलिंग और जांच-पड़ताल की प्रक्रिया, कमियां बताने और उन्हें ठीक करने, लिस्टिंग और अन्य प्रक्रियात्मक मुद्दों के बारे में चिंताएं जताई। एसोसिएशन ने कहा कि रजिस्ट्री और बार, दोनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने वाली व्यवस्थित व्यवस्था से दिक्कतों की पहचान करने और व्यावहारिक समाधान निकालने में मदद मिल सकती है।
कमेटी में डॉ. अजीत अत्री, रजिस्ट्रार (J) (ज्यूडिशियल लिस्टिंग); राजेश शर्मा, रजिस्ट्रार (J) (ज्यूडिशियल एडमिनिस्ट्रेशन-I); विशाल, रजिस्ट्रार (J) (ज्यूडिशियल एडमिनिस्ट्रेशन-II); सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) का एक प्रतिनिधि; और SCAORA का एक प्रतिनिधि शामिल हैं।
31 अगस्त को लिखे पत्र में सेक्रेटरी जनरल पाराशर ने SCAORA से कमेटी के लिए सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के एक प्रतिनिधि को नामित करने का अनुरोध किया।
SCAORA ने अपने सदस्यों को भेजे एक संदेश में कहा कि उसे उम्मीद है कि इस पहल से बार और रजिस्ट्री के बीच की दूरी कम करने और वकीलों को आने वाली दिक्कतों का तेज़ी से समाधान करने में मदद मिलेगी।
एसोसिएशन ने यह भी अनुरोध किया कि उसे बार के सदस्यों से मिली चिंताओं और सुझावों को व्यवस्थित तरीके से कमेटी के सामने रखने का मौका दिया जाए। उसने चीफ जस्टिस को भरोसा दिलाया कि वह अपना सहयोग देगी और कमेटी की मदद के लिए इनपुट प्रदान करेगी।
SCAORA ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था बार और रजिस्ट्री के बीच कामकाजी रिश्ते को मज़बूत कर सकती है और न्याय प्रशासन को अधिक कुशल बनाने में योगदान दे सकती है।


