केंद्र की मांग- बॉम्बे हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किया जाए अनिल अंबानी के खिलाफ 'ब्लैक मनी एक्ट' का मामला

Shahadat

8 Sept 2026 2:55 PM IST

  • केंद्र की मांग- बॉम्बे हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किया जाए अनिल अंबानी के खिलाफ ब्लैक मनी एक्ट का मामला

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर उस याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए, जिसमें 'ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और टैक्स लगाने का कानून, 2015' को चुनौती दी गई।

    मंगलवार को ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से पूछा कि इसे दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग क्यों की जा रही है।

    CJI सूर्य कांत ने पूछा,

    "हम एक हाईकोर्ट को दूसरे से बेहतर क्यों मानें?"

    केंद्र की ओर से पेश वकील ज़ोहेब हुसैन ने कहा कि जहां बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका "ठंडे बस्ते" में चली गई है, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में मामला "सुनवाई के लिए तैयार" है। हुसैन ने आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी GST Act की धारा 171 को चुनौती देने वाले हाईकोर्ट के मामलों को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया, जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले पर फैसला सुनाया। उन्होंने आग्रह किया कि 'ब्लैक मनी एक्ट' के मामले में भी उसी मिसाल का पालन किया जाए।

    हालांकि, बेंच ने ट्रांसफर का आदेश देने में हिचकिचाहट दिखाई। बेंच ने कहा कि अगर दिल्ली में मामला सुनवाई के लिए तैयार है तो दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला ही इस मुद्दे को हल कर देगा।

    CJI ने कहा,

    "एक बार दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आ जाए... तो आपकी कोशिश दिल्ली हाईकोर्ट से फैसला लेने की होनी चाहिए। फिर शायद आप बॉम्बे हाईकोर्ट से फैसला करने का अनुरोध कर सकते हैं।"

    हुसैन ने कहा कि मामले के लंबित रहने से रेवेन्यू (राजस्व) पर बड़ा असर पड़ सकता है। 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कानून के तहत अनिल अंबानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा कि इसी तरह की याचिकाएं अन्य हाईकोर्ट में भी लंबित हैं।

    हुसैन ने कहा,

    "जितना अधिक समय तक इस पर रोक लगी रहेगी, विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने का मकसद उतना ही विफल होगा। दिल्ली हाईकोर्ट में 15-20 मामले लंबित हैं। मामले सुनवाई के लिए तैयार हैं। बॉम्बे में नियम जारी किया गया, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया..."

    CJI ने कहा,

    "दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद आप हमारे पास आ सकते हैं और हम बॉम्बे हाईकोर्ट से [फैसला करने का] अनुरोध करेंगे।"

    हुसैन ने कहा,

    "इससे रेवेन्यू पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। हर हाईकोर्ट में मामलों का एक बड़ा समूह बन गया है। काला धन वापस लाने की सभी कार्यवाही अटकी हुई है।"

    बेंच ने केंद्र सरकार से अलग-अलग हाईकोर्ट में पेंडिंग मामलों की लिस्ट देने को कहा और सुनवाई स्थगित की।

    Case : UNION OF INDIA Vs ANIL DHIRAJLAL AMBANI | T.P.(C) No. 2551-2552/2026

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