ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 को चुनौती: केंद्र सरकार ने की हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग

Shahadat

27 May 2026 11:42 AM IST

  • ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम 2026 को चुनौती: केंद्र सरकार ने की हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग

    केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने ट्रांसफर याचिकाएं दायर की, जिनमें मांग की गई कि हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2026 के खिलाफ लंबित विभिन्न चुनौतियों को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लाया जाए।

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और अनुरोध किया कि ट्रांसफर याचिकाओं को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जाए।

    मेहता ने कहा,

    "हमने ट्रांसजेंडर संशोधन अधिनियम को दी गई चुनौती को इस अदालत में स्थानांतरित करने के लिए ट्रांसफर याचिकाएं दायर कीं। क्या ट्रांसफर याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जा सकता है? यदि नोटिस भी जारी हो जाता है तो हम हाईकोर्ट से इंतजार करने के लिए कह सकते हैं।"

    हालांकि, चीफ जस्टिस ने संकेत दिया कि हाई कोर्ट को इस मुद्दे की जांच करने की अनुमति देने के अपने फायदे हो सकते हैं।

    चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की,

    "कभी-कभी हमें हाईकोर्ट के दृष्टिकोण का भी लाभ मिल सकता है।"

    इसके जवाब में मेहता ने कहा कि कई हाईकोर्ट इस मुद्दे पर सुनवाई कर रहे हैं, जिससे परस्पर विरोधी फैसलों की संभावना बढ़ जाती है।

    उन्होंने कहा,

    "एक से अधिक हाईकोर्ट हैं। अलग-अलग विचार हो सकते हैं।"

    चीफ जस्टिस ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा,

    "हम देखेंगे।"

    इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने 2026 के संशोधन के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था; इस संशोधन को इस आधार पर चुनौती दी गई कि यह जेंडर की स्व-पहचान की अवधारणा को समाप्त करता है।

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