राम मंदिर के नाम पर बिक रही मिठाई पर CCPA सख्त, Amazon पर ₹1 लाख जुर्माना

Praveen Mishra

19 Aug 2026 12:17 PM IST

  • राम मंदिर के नाम पर बिक रही मिठाई पर CCPA सख्त, Amazon पर ₹1 लाख जुर्माना

    अयोध्या के श्री राम मंदिर के नाम पर ऑनलाइन मिठाइयां बेचने के मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Amazon Seller Services Private Limited पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं की धार्मिक भावनाओं के व्यावसायिक इस्तेमाल का मामला माना।

    मामला तब सामने आया जब 'Shri Ram Mandir Ayodhya Prasad' नाम से व्यावसायिक रूप से तैयार मिठाइयां Amazon पर बिक्री के लिए उपलब्ध थीं। CCPA ने कहा कि इस नाम का भक्तों के बीच एक स्पष्ट अर्थ है—अयोध्या के राम मंदिर में भगवान को अर्पित और आशीर्वाद प्राप्त प्रसाद। ऐसे में बिना मंदिर या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अनुमति के सामान्य मिठाइयों को इस नाम से बेचना भ्रामक है।

    CCPA के अनुसार, ये उत्पाद 22 जनवरी 2024 की प्राण प्रतिष्ठा से पहले Amazon पर सूचीबद्ध थे। प्राधिकरण ने 19 जनवरी 2024 को Amazon को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने लिस्टिंग हटा दी।

    प्राधिकरण ने कहा कि Amazon जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद की मौजूदगी उपभोक्ताओं के बीच उसकी विश्वसनीयता का प्रभाव पैदा करती है। इसलिए केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता कि Amazon एक 'intermediary' है।

    CCPA ने Amazon को निर्देश दिया है कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े 'प्रसाद', 'प्रसादम', 'महाप्रसाद' या 'भोग' जैसे नामों वाले उत्पादों को संबंधित धार्मिक संस्था की प्रमाणित अनुमति के बिना प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध या बेचने की अनुमति न दी जाए।

    इसके अलावा Amazon को विक्रेताओं की पूरी जानकारी प्रदर्शित करने और अपने due diligence mechanism को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कंपनी को 15 दिनों के भीतर ₹1 लाख का जुर्माना जमा करने को कहा गया है।

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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