E20 पेट्रोल नीति को 'प्रयोग' बताने वाली मीडिया रिपोर्टें गलत, सुप्रीम कोर्ट में ऐसा कोई बयान नहीं दिया: अटॉर्नी जनरल

Praveen Mishra

1 July 2026 12:19 PM IST

  • E20 पेट्रोल नीति को प्रयोग बताने वाली मीडिया रिपोर्टें गलत, सुप्रीम कोर्ट में ऐसा कोई बयान नहीं दिया: अटॉर्नी जनरल

    भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि सरकार की 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) योजना अभी "एक चल रहा प्रयोग" है और इसके प्रभाव अगले वर्ष तक स्पष्ट होंगे।

    कानून एवं न्याय मंत्रालय के माध्यम से जारी स्पष्टीकरण में अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि ये रिपोर्टें पूरी तरह गलत हैं और सुप्रीम कोर्ट में की गई वास्तविक दलीलों से उनका कोई संबंध नहीं है। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी चरण पर यह नहीं कहा गया कि सरकार का एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम या E20 ब्लेंडिंग कार्यक्रम एक "प्रयोग" है।

    दरअसल, अटॉर्नी जनरल ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एक एथेनॉल डिस्टिलरी के वार्षिक एथेनॉल आवंटन बढ़ाने के अनुरोध पर विचार करने को कहा गया था। सुनवाई के दौरान उन्होंने तर्क दिया कि हाईकोर्ट का आदेश E20 नीति को अस्थिर कर सकता है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एथेनॉल आपूर्ति आवंटन पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का निर्देश दिया।

    अटॉर्नी जनरल ने यह भी बताया कि समान मुद्दों पर विभिन्न हाईकोर्टों में लंबित मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

    हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि अटॉर्नी जनरल ने E20 कार्यक्रम को "चल रहा प्रयोग" बताया है। इन रिपोर्टों के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सरकार बिना पर्याप्त जानकारी के वाहन मालिकों पर E20 पेट्रोल लागू कर रही है।

    इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष E20 कार्यक्रम को कभी भी "प्रयोग" नहीं बताया और ऐसा दावा करना गलत है। साथ ही, मीडिया से न्यायिक कार्यवाहियों, विशेषकर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय नीतियों से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में सटीकता बरतने की अपील की गई।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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