BREAKING| जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को शराब नीति मामला सौंपने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अरविंद केजरीवाल
Shahadat
15 March 2026 8:30 PM IST

अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की। इस याचिका में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें हाईकोर्ट ने CBI के शराब नीति मामले में उन्हें बरी किए जाने के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच से दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की उनकी अपील खारिज की थी।
दायर की गई इस रिट याचिका में केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के उस आदेश को चुनौती दी, जो चीफ़ जस्टिस के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया। केजरीवाल की अपील खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने कहा कि यह मामला मौजूदा रोस्टर के अनुसार जस्टिस शर्मा को सौंपा गया। इस मामले को किसी दूसरी बेंच को सौंपने का कोई उचित कारण नहीं है।
27 फ़रवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी किया था; इन आरोपियों में राजनीतिक नेता केजरीवाल, सिसोदिया और के. कविता भी शामिल हैं। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी।
उल्लेखनीय है कि यह मामला राजनीतिक रूप से काफ़ी विवादित हो गया, क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान ही केजरीवाल को गिरफ़्तार किया गया था और उन्हें हिरासत में भेज दिया गया। बाद में 156 दिनों की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दी थी। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने भी इस मामले में 530 दिन हिरासत में बिताए।
ट्रायल कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ CBI की पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस शर्मा ने सुनवाई की। 9 मार्च को उन्होंने पहली नज़र में यह टिप्पणी की कि ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां प्रथम दृष्टया (Prima Facie) ग़लत प्रतीत होती हैं।
इसके बाद AAP प्रमुख ने चीफ़ जस्टिस को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई करने वाले जज को बदलने की अपील की। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ टिप्पणी करने का कोई विशिष्ट कारण दर्ज नहीं किया गया। केजरीवाल ने यह भी कहा कि जस्टिस शर्मा ने इससे पहले शराब नीति मामले में कई आरोपियों को ज़मानत देने से इनकार किया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान की थी। AAP नेता ने इस आधार पर मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की कि उन्हें "गंभीर, वास्तविक और उचित आशंका है कि इस मामले की सुनवाई निष्पक्षता और तटस्थता के साथ नहीं हो पाएगी"।
केजरीवाल ने एक अलग 'विशेष अनुमति याचिका' (Special Leave Petition) भी दायर की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा की गई टिप्पणियों को चुनौती दी।
Case : Arvind Kejriwal v. CBI WP(Crl) | Diary No.15968/2026 , Arvind Kejriwal v. CBI SLP(Crl)| Diary No. 15911/2026

