X अकाउंट का डिजिटल डेटा मांगने वाले नोटिस के खिलाफ राम मंदिर दान चोरी की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

1 Sept 2026 12:13 PM IST

  • X अकाउंट का डिजिटल डेटा मांगने वाले नोटिस के खिलाफ राम मंदिर दान चोरी की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

    अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान चोरी मामले की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने गाजियाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को उनके अकाउंट की विस्तृत डिजिटल जानकारी देने के लिए जारी नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

    यह नोटिस 22 अगस्त को BNSS की धारा 94 के तहत जारी किया गया था। उपाध्याय ने इसे रद्द करने और इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

    याचिका के अनुसार, X की लीगल टीम ने 26 अगस्त को उपाध्याय को ईमेल कर बताया कि गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने उनके X अकाउंट @upadhyayabhii से जुड़ी जानकारी मांगी है।

    1 जून से डेटा मांगने पर आपत्ति

    उपाध्याय की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि जिस रोड रेज की घटना को लेकर FIR दर्ज हुई, वह 18 अगस्त 2026 की है, जबकि पुलिस ने 1 जून 2026 से डिजिटल डेटा मांगा है।

    वकील ने कहा कि इसी अवधि में उपाध्याय राम मंदिर दान से जुड़े कथित मामले की रिपोर्टिंग और जांच कर रहे थे। इतने लंबे समय का डेटा मिलने से उनके पत्रकारिता के स्रोतों की पहचान उजागर हो सकती है।

    पुलिस ने कथित तौर पर login/logout IP addresses, मोबाइल नंबर, location details, device information, IMEI number और IP access एवं registration logs जैसी जानकारी मांगी है।

    प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा

    याचिका में कहा गया है कि इतनी व्यापक डिजिटल जानकारी मांगना केवल privacy का सवाल नहीं है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता के confidential sources की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इससे संभावित sources पर chilling effect पड़ सकता है।

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सप्ताह ही उपाध्याय के खिलाफ दर्ज FIR में coercive action पर रोक लगाई थी।

    आज उनके वकील ने Chief Justice के समक्ष नए आवेदन की urgent listing की मांग की। CJI ने कहा कि पुलिस को जांच करने देने में क्या समस्या है, हालांकि उन्होंने आवेदन दाखिल करने को कहा और मामले को देखने की बात कही।

    उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट से 22 अगस्त के नोटिस पर रोक लगाने और उसे रद्द करने की मांग की है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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