I-PAC कार्यालय से कुछ भी जब्त नहीं हुआ: ED के बयान के बाद TMC की याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट ने निस्तारित की
Praveen Mishra
14 Jan 2026 4:19 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कोलकाता हाईकोर्ट को यह बताने के बाद कि 8 जनवरी को I-PAC और उसके निदेशक प्रतीक जैन के कार्यालय से कोई भी दस्तावेज़ या उपकरण जब्त नहीं किए गए, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें पार्टी ने कथित रूप से जब्त किए गए अपने गोपनीय राजनीतिक डेटा की सुरक्षा की मांग की थी।
जस्टिस सुव्रा घोष के समक्ष सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि ED ने कुछ भी जब्त नहीं किया है और कथित तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ही फाइलें और उपकरण अपने साथ ले गई थीं। न्यायालय ने यह भी नोट किया कि पंचनामा से स्पष्ट होता है कि 8 जनवरी को I-PAC या उसके निदेशक के कार्यालय से कोई जब्ती नहीं हुई। इसके बाद पीठ ने कहा—
“इन प्रस्तुतियों के मद्देनज़र अब कुछ भी शेष नहीं रहता, अतः याचिका का निपटारा किया जाता है।”
इस प्रकार TMC की याचिका समाप्त कर दी गई।
ED की याचिका पर स्थगन
इसी दौरान, ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने के आरोप से जुड़ी ED की याचिका को ASG के अनुरोध पर स्थगित कर दिया गया, क्योंकि एजेंसी ने इसी विषय पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है।
मामला पिछले सप्ताह I-PAC (TMC की चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था) के कार्यालय पर कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई ED की छापेमारी से जुड़ा है। आरोप है कि छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और फाइलें व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले गईं। बाद में ED ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया कि उन्होंने जांच में बाधा डाली, जबकि TMC ने दावा किया कि उसका गोपनीय डेटा जब्त कर लिया गया।
अदालत में बहस
सुनवाई की शुरुआत में ASG राजू ने यह कहते हुए स्थगन मांगा कि सुप्रीम कोर्ट में भी समान याचिकाएं लंबित हैं। लेकिन TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने आग्रह किया कि पार्टी की याचिका पर सुनवाई की जाए क्योंकि राजनीतिक डेटा की सुरक्षा का सवाल है। उन्होंने पुट्टस्वामी फैसले का हवाला देते हुए निजता के अधिकार की बात कही।
केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई है तो चुनाव आयोग को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, और यह भी कि ED द्वारा किसी प्रकार की जब्ती का कोई नोटिस नहीं दिया गया।
ASG राजू ने तर्क दिया कि ED ने कुछ भी जब्त नहीं किया, बल्कि जो भी लिया गया, वह ममता बनर्जी और उनके सहयोगियों ने लिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि TMC की ओर से याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को इन तथ्यों की जानकारी कैसे हुई, जबकि वह घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था।
गुरुस्वामी ने आग्रह किया कि ED के इस कथन को रिकॉर्ड में लिया जाए कि कोई जब्ती नहीं हुई, और उसी आधार पर TMC की याचिका का निपटारा किया जाए। ASG राजू ने दोहराया कि ED ने कुछ भी जब्त नहीं किया है।
अदालत का आदेश
ED के इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए हाईकोर्ट ने TMC की याचिका का निपटारा कर दिया।
पिछली सुनवाई में अदालत को भारी हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। बाद में ED ने ममता बनर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी, जिसमें छापेमारी में कथित हस्तक्षेप को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।

