जजों को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बंगाल पुलिस से मांगी SOP की जानकारी

Praveen Mishra

25 May 2026 1:00 PM IST

  • जजों को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, बंगाल पुलिस से मांगी SOP की जानकारी

    कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायाधीशों और न्यायिक कार्यवाही को निशाना बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर गंभीर चिंता जताते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या राज्य पुलिस के पास ऐसे आपत्तिजनक और मानहानिकारक सोशल मीडिया कंटेंट से निपटने के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) मौजूद है।

    जस्टिस जय सेनगुप्ता ने 21 मई 2026 को स्वामी प्रदीप्तानंद उर्फ कार्तिक महाराज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में कुछ यूट्यूब वीडियो लाए गए, जिनमें कथित तौर पर कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और लंबित न्यायिक कार्यवाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कुछ वीडियो में पीठ के खिलाफ “मनमाने आरोप” लगाए गए और यहां तक दावा किया गया कि बंद कमरे में न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित करने वाले कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि उस दिन संबंधित बेंच बैठी भी नहीं थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ वीडियो में न्यायाधीशों के खिलाफ मानहानिकारक और अवमाननापूर्ण टिप्पणियां की गईं, जो बेहद चिंताजनक हैं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या राज्य पुलिस के पास “स्पष्ट रूप से झूठे, घोर आपत्तिजनक और अवमाननापूर्ण” सोशल मीडिया पोस्ट्स पर कार्रवाई करने और ऐसे कंटेंट को हटाने की कोई व्यवस्था या SOP है।

    कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तय की है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story