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ग्रेटा थनबर्ग 'टूल किट' केस- एडवोकेट निकिता जैकब ट्रांजिस्ट बेल के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं

LiveLaw News Network
15 Feb 2021 7:29 AM GMT
ग्रेटा थनबर्ग टूल किट केस- एडवोकेट निकिता जैकब ट्रांजिस्ट बेल के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचीं
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ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में मुंबई की एडवोकेट निकिता जैकब बॉम्बे हाईकोर्ट से ट्रांजिट एंटीसिपेटरी बेल की मांग की है। एडवोकेट निकिता जैकब के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया हुआ है।

न्यायमूर्ति पी डी नाइक की खंडपीठ के समक्ष मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया गया है।


गौरतलब हो कि दिल्ली की एक अदालत ने मुंबई की एडवोकेट निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है, जो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया पर किसान के विरोध से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग द्वारा सोशल मीडिया साझा किए गए "टूलकिट" केस में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के दावों के अनुसार, उन्होंने अपनी जांच में पाया है कि ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा "टूलकिट" के पीछे का संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन है, जिसने कथित तौर पर एडवोकेट निकिता जैकब से संपर्क किया और उन्हें किसानों द्वारा विरोध के लिए गणतंत्र दिवस से पहले "ट्वीटस्टॉर्म" पैदा करने के लिए कहा। पुलिस का कहना है कि यह संगठन एक खालिस्तानी समूह है।

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने एक 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को रिमांड पर भेज दिया है। रवि दिशा को बेंगलुरु से दिल्ली पुलिस की 5-दिन की हिरासत में गिरफ्तार किया गया था।

भारत में 'फ्राइडेज़ फ़ॉर फ़्यूचर' अभियान के संस्थापकों में से एक दिशा रवि को शनिवार को दिल्ली पुलिस के एक विशेष प्रकोष्ठ द्वारा बेंगलुरु के सोलादेवनहल्ली पुलिस थाने की सीमा के भीतर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया।

एक मीडिया रिपोर्ट और कई ट्विटर हैंडल के अनुसार, जैकब ने टूलकिट दस्तावेज़ को कथित रूप से संपादित किया था, जिसे अंततः अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग ने सोशल मीडिया पर किसान के विरोध से संबंधित साझा किया था।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर निकिता जैकब के खिलाफ यह गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 11 फरवरी को पुलिस की एक टीम निकिता जैकब के घर उनसे पूछताछ करने के लिए गई थी। हालांकि, जब टीम शाम के आसपास जैकब के घर पहुंची, तो अधिकारी उससे पूछताछ नहीं कर सके।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वकील ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि वह जांच में शामिल होगी। हालांकि, वह कथित तौर पर अपने घर पुलिस आने के बाद भूमिगत हो गई थी।

[मीडिया रिपोर्ट्स के इनपुट्स के साथ]

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