'धुरंधर' स्क्रिप्ट विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट का दोनों पक्षकारों से समझौता करने का निर्देश, कहा- मानहानि मुकदमा आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं

Shahadat

16 April 2026 7:37 PM IST

  • धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट का दोनों पक्षकारों से समझौता करने का निर्देश, कहा- मानहानि मुकदमा आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं

    'धुरंधर' फ़िल्म के निर्देशक आदित्य धर द्वारा फ़िल्मकार संतोष कुमार के ख़िलाफ़ दायर मानहानि के मुक़दमे में एक नया मोड़ आया। संतोष कुमार ने आदित्य धर पर अपनी 'स्क्रिप्ट' की 'नक़ल' करने का आरोप लगाया। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे इस विवाद को 'सुलझाने' की कोशिश करें और इसे मानहानि का मुक़दमा दायर करने की हद तक 'आगे न बढ़ाएं'।

    ग़ौरतलब है कि कुमार ने मीडिया के सामने दावा किया कि फ़िल्म 'धुरंधर' की स्क्रिप्ट असल में उनके मूल काम की नक़ल है, जिसका टाइटल उन्होंने 'द साहेब' रखा था। 8 अप्रैल को एक अंतरिम आदेश पारित किया गया, जिसमें कुमार को धर के ख़िलाफ़ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी करने से रोक दिया गया।

    सिंगल जज जस्टिस आरिफ़ डॉक्टर ने कुमार से कहा कि वह विचाराधीन फ़िल्म की 'स्क्रिप्ट' पर अपने दावों के संबंध में किसी उचित प्लेटफॉर्म के समक्ष उचित दीवानी कार्यवाही शुरू करें। धर इसका जवाब देंगे। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि मानहानि के मुक़दमे को बिना किसी उद्देश्य के लंबित रखने के बजाय इसे 'सुलझा' लिया जाए।

    कुमार के वकील ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल केवल मूल स्क्रिप्ट पर अपने अधिकार का दावा कर रहे थे। अदालत ने उनसे कहा कि कोई भी उन्हें दावा करने से नहीं रोक सकता, लेकिन उन्हें धर के ख़िलाफ़ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी करने से बचना चाहिए और इसके बजाय उचित कार्यवाही शुरू करनी चाहिए।

    इस पर धर का प्रतिनिधित्व कर रहे सीनियर एडवोकेट डॉ. बीरेंद्र सराफ़ ने कहा कि जैसे ही स्क्रिप्ट पर अधिकार के संबंध में दीवानी कार्यवाही शुरू होगी, उनके मुवक्किल उसका उचित जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि अगर कुमार मीडिया में मानहानिकारक टिप्पणियाँ करते रहे, तो इससे कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

    तदनुसार, कुमार के वकील ने अदालत को बताया कि वे उचित दीवानी कार्यवाही शुरू करने के इस बिंदु पर निर्देश लेंगे और अगली तारीख़ पर अदालत में वापस आएंगे।

    पीठ ने एक बार फिर दोहराया कि ऐसे मामलों को मानहानि के मुक़दमे दायर करने की हद तक आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं है।

    पीठ ने कहा कि वह 30 अप्रैल को उचित आदेश पारित करेगी, जब इस मामले की अगली सुनवाई होगी।

    Case Title: Aditya Dhar vs Santosh Kumar [Interim Application (L) 12102 of 2026]

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