ईरानी मिसाइल हमले में नाविक की मौत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवशेषों के DNA टेस्ट की याचिका पर DG शिपिंग से जवाब मांगा

Shahadat

6 April 2026 7:47 PM IST

  • ईरानी मिसाइल हमले में नाविक की मौत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवशेषों के DNA टेस्ट की याचिका पर DG शिपिंग से जवाब मांगा

    बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (6 अप्रैल) को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के तहत स्थापित डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग को निर्देश दिया कि वह एक याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे। इस याचिका में एक भारतीय नाविक के अवशेषों के DNA टेस्ट की मांग की गई, जिसकी ओमान तट के पास ईरानी मिसाइल हमले में मौत हो गई थी।

    चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ को बताया गया कि MKD व्योम नामक जहाज, जिस पर दीक्षित सोलंकी इंजन रूम में 'ऑयलर' के तौर पर काम करते थे, वहां से केवल कुछ "जली हुई हड्डियां" ही लाई जा सकीं।

    एडवोकेट प्रज्ञा तालेकर ने खंडपीठ के समक्ष कहा,

    "1 मार्च से ही जहाज के कप्तान लगातार विरोधाभासी रिपोर्ट दे रहे थे। शुरू में हमें बताया गया कि दीक्षित घायल हो गए। फिर हमें सूचना मिली कि वह लापता हैं और बाद में हमें बताया गया कि उनकी मृत्यु हो गई।"

    वकील ने जजों को आगे बताया कि जैसे ही यह याचिका दायर की गई, भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और नाविक के अवशेषों को भारत ले आए।

    तालेकर ने कहा,

    "अब जहाज के अधिकारी कह रहे हैं कि वे जहाज से केवल कुछ जली हुई हड्डियां ही बरामद कर पाए हैं। दुर्भाग्य से, कोई शव बरामद नहीं हुआ। वे भारत में केवल चार-पांच जली हुई हड्डियां ही लाए हैं। हम इस अदालत से अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग करते हैं कि वे तत्काल इन हड्डियों का DNA टेस्ट करवाएं।"

    तालेकर ने DG शिपिंग, मुंबई द्वारा मृतक के पिता को सोमवार सुबह (6 अप्रैल) भेजे गए एक ईमेल का भी हवाला दिया, जिसमें अवशेषों के DNA टेस्ट की आवश्यकता का उल्लेख किया गया।

    जब DG शिपिंग का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा गय, तो उन्होंने निर्देश लेने के लिए समय मांगा।

    तदनुसार, खंडपीठ ने उन्हें कल (मंगलवार) तक का समय दिया और सुनवाई 7 अप्रैल तक के लिए स्थगित की।

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