हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से सूखा प्रभावित लोगों के लिए बनी योजनाओं का विवरण मांगा
Shahadat
5 Nov 2026 9:15 AM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (4 नवंबर) को कहा कि वह सूखे के कारण भूमिहीन मजदूरों और सीमांत किसानों की परेशानियों को उजागर करने वाली याचिका पर 18 नवंबर को सुनवाई करेगा। इसके साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य भर में सूखा प्रभावित लोगों के लिए बनाई गई सभी योजनाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा।
चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने एडवोकेट जनरल डॉ. मिलिंद साठे से कहा कि वह राज्य में सूखे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बनी योजनाओं का विवरण 18 नवंबर से पहले कोर्ट में पेश करें। इसी दिन कोर्ट 'स्वाभिमानी मजदूर संगठन' द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा।
चीफ जस्टिस त्रिपाठी ने कहा,
"आप सूखा प्रभावित लोगों के लिए बनी सभी संबंधित योजनाएं लेकर आएं... ताकि मामले की विस्तृत सुनवाई से पहले हमें भी इनके बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।"
इस पर, एडवोकेट जनरल साठे (जिन्हें अतिरिक्त सरकारी वकील प्रियभूषण काकड़े का सहयोग प्राप्त था) ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
'स्वाभिमानी मजदूर संगठन' की याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी, लेकिन समय की कमी के कारण खंडपीठ इस पर सुनवाई नहीं कर सकी। इसलिए कोर्ट ने कहा कि अब इस मामले पर दिवाली की छुट्टियों के बाद कोर्ट के फिर से खुलने के पहले दिन यानी 18 नवंबर को सुनवाई होगी।
याचिकाकर्ता ग्रामीण श्रमिकों का पंजीकृत संगठन है, जिसने महाराष्ट्र के भूमिहीन मजदूरों, सीमांत किसानों, प्रवासी श्रमिकों और कृषि मजदूरों की ओर से यह जनहित याचिका (PIL) दायर की है। यह याचिका सीनियर एडवोकेट मिहिर देसाई और एडवोकेट देवयानी कुलकर्णी के माध्यम से दाखिल की गई।
याचिका में कहा गया,
"याचिकाकर्ता संगठन के सदस्य इस बात से परेशान हैं कि राज्य प्रशासन उन्हें काम, बेरोजगारी भत्ता, भोजन, पीने का पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य राहत देने में विफल रहा है, जबकि राज्य के 358 में से 305 तालुकों में सूखा घोषित किया गया। अब तक घोषित की गई राहत मुख्य रूप से किसानों पर केंद्रित है, जो भूमि रिकॉर्ड और बैंकों या सहकारी ऋण प्रणालियों से जुड़ी है। इसमें भूमिहीन मजदूरों, सीमांत किसानों और कृषि मजदूरों को शामिल नहीं किया गया।"
इसलिए याचिकाकर्ता 'विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025' और 'महाराष्ट्र रोज़गार गारंटी अधिनियम, 1977' को ठीक से लागू करने की मांग करता है। याचिका में 'सूखा प्रबंधन नियमावली, 2016' और 'राज्य आपदा प्रबंधन योजना, 2023' को तीन साल की सूखा-रोधी योजना के रूप में पूरी तरह लागू करने तथा हर महीने अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Reports) सौंपने की भी मांग की गई।
याचिका में बेरोज़गारी भत्ता, मुफ़्त अनाज, खाद्य सुरक्षा भत्ता, पीने का पानी और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही इसमें माइक्रो-फाइनेंस और अनौपचारिक ऋणों (Informal Loans) आदि से राहत देने की भी मांग है। इसके अलावा, याचिका में राज्य सरकार से मांग की गई है कि दिवाली से पहले सूखे से प्रभावित किसानों को बोनस के रूप में 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता दी जाए।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
Case Title : Swabhimani Mazdoor Sanghatan vs Union of India

