फेसबुक लाइव के दौरान शिवसेना पार्षद की हत्या की जांच में मुंबई पुलिस की चूक पर हाईकोर्ट ने CBI को जांच सौंपी

Praveen Mishra

6 Sept 2024 5:02 PM IST

  • फेसबुक लाइव के दौरान शिवसेना पार्षद की हत्या की जांच में मुंबई पुलिस की चूक पर हाईकोर्ट ने CBI को जांच सौंपी

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के पार्षद अभिषेक घोसालकर की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी।

    41 वर्षीय घोसालकर की उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मौरिस नोरोन्हा ने 8 फरवरी, 2024 को फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के तुरंत बाद, नोरोन्हा ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

    घोसालकर की पत्नी तेजस्वी ने मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में कई खामियां सामने आने की ओर इशारा करते हुए जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस श्याम चांडक की खंडपीठ से जांच विशेष जांच दल या सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया था.

    इससे पहले की एक सुनवाई में मुख्य लोक अभियोजक हितेन वेनेगावकर ने खंडपीठ को सूचित किया था कि मुंबई पुलिस ने सभी संभावित कोणों से मामले की जांच की है और अभी तक "पूर्व नियोजित हत्या" की कोई संभावना नहीं मिली है।

    खंडपीठ ने बंद कमरे में हुई सुनवाई में घटना के सीसीटीवी फुटेज और इसके बाद के फुटेज भी देखे थे। तदनुसार न्यायालय ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    खंडपीठ ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा, चूंकि सभी कोणों से जांच नहीं की गई और कुछ खामियां रहीं, इसलिए मामले में जांच सीबीआई को स्थानांतरित की जाती है।

    आदेश की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    खंडपीठ ने सीबीआई के जोनल निदेशक को मामले की जांच किसी आईपीएस अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया है जो पुलिस अधीक्षक रैंक से नीचे का नहीं होगा। अदालत ने मुंबई पुलिस को दो सप्ताह के भीतर मामले के दस्तावेज सीबीआई को सौंपने का भी आदेश दिया।

    खंडपीठ ने तदनुसार याचिका का निपटारा कर दिया है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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