बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया धमकियों का सामना कर रहे जस्टिस गौतम पटेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश
Shahadat
15 Jun 2026 6:01 PM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (15 जून) को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गौतम पटेल को सुरक्षा मुहैया कराए। जस्टिस पटेल को दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख से जुड़े 2024 के एक फ़ैसले के कारण धमकियां मिल रही हैं।
खबरों के अनुसार, जस्टिस पटेल और उनके परिवार को पिछले 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। यह धमकियां 23 अप्रैल 2024 को दिए गए उस फ़ैसले के कारण मिल रही हैं, जिसमें जज ने कहा था कि सैयदना मुफ़द्दल सैफुद्दीन ही दाऊदी बोहरा समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख (53वें दाई-अल-मुतलक) और सही उत्तराधिकारी हैं।
एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच हाईकोर्ट के तीन बार एसोसिएशन बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA), एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया (AAWI) और बॉम्बे इनकॉरपोरेटेड लॉ सोसाइटी (BILS) द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर रही थी।
सुनवाई के दौरान मुख्य सरकारी वकील शिशिर हिरे ने बताया कि जज के आवास पर दो PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) तैनात किए गए।
इस बीच एक्टिंग चीफ जस्टिस ने कहा,
"इस बात पर ध्यान दें कि हम सभी इंसान हैं। हम हर समय घर के अंदर नहीं रहेंगे। क्या होगा अगर जज साहब घर पर हों और उनके परिवार का कोई सदस्य किसी काम से बाहर जाए? आपको घर के अंदर और बाहर, दोनों जगह सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"
कोर्ट ने आगे मौखिक रूप से कहा,
"वह हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं, जिन्होंने पूरी निष्ठा से अपना काम किया... आपको उनकी सुरक्षा करनी चाहिए। CJI सूर्यकांत के हस्तक्षेप के बाद उनके परिवार के सदस्यों को यूनाइटेड किंगडम में सुरक्षा दी गई। लेकिन यहां मुंबई में आपको जज की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। यह दिखाने का समय है कि आप कितने प्रतिबद्ध हैं।"
एक्टिंग चीफ जस्टिस ने आगे कहा,
"हम आभारी हैं कि हमें CJI कांत का नेतृत्व मिला है। वह किसी काम से यूनाइटेड किंगडम में थे, लेकिन उन्होंने समय निकाला, वहां भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात की और फिर जज के परिवार के लिए सुरक्षा का निर्देश दिया।"
इस बीच बार निकायों की ओर से सीनियर एडवोकेट नितिन ठक्कर ने कोर्ट से आग्रह किया कि वह सुरक्षा और मामले की गहन जांच का आदेश दे। ठक्कर ने कहा कि एक कड़ा संदेश देने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा,
"यह सिर्फ़ जस्टिस पटेल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी न्यायपालिका के लिए खतरा है। यह संदेश जाना चाहिए कि न्यायपालिका ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लेगी।"
इसके बाद बेंच ने आदेश दिया कि राज्य सरकार मुंबई में जस्टिस पटेल को सुरक्षा मुहैया कराए। कोर्ट ने भारत सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह जस्टिस पटेल की बेटी को सुरक्षा देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दे; लंदन में उन पर हमला हुआ था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जज की पत्नी को मुंबई में धमकी भरे पत्र मिले, जबकि उनकी बेटी को लंदन में - जहाँ वह रहती हैं - इसी तरह की धमकियां मिलीं। इन पत्रों में परिवार को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई, अगर जस्टिस पटेल ने YouTube वीडियो के ज़रिए अपना फ़ैसला "वापस" नहीं लिया। लंदन की सड़कों पर जज की बेटी अदिति पटेल पर एक नकाबपोश व्यक्ति ने हमला भी किया।
इसके बाद हर्टफोर्डशायर कॉन्स्टेबुलरी ने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई।
बॉम्बे हाईकोर्ट प्रशासन के विश्वसनीय सूत्रों ने पुष्टि की कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत यूनाइटेड किंगडम (UK) की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान लंदन में भारतीय उच्चायुक्त पी. कुमारन से मिले। उन्होंने उनसे लंदन में रहने वाली जस्टिस पटेल की बेटी और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

