बॉम्बे हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिकों को फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाने में मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया
Shahadat
23 Oct 2026 9:36 AM IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को महाराष्ट्र पुलिस को आदेश दिया कि वे न केवल भारतीय सीमाओं में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, बल्कि उन भारतीयों के खिलाफ भी कार्रवाई करें जो ऐसे घुसपैठियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड और चुनाव कार्ड जैसे फर्जी दस्तावेज बनवाकर यहाँ बसने में मदद करते हैं।
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में 'यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (UIDAI) को निर्देश देने की मांग की गई कि वे बकार हसन शेख नामक व्यक्ति का विवरण उपलब्ध कराएं। आरोप है कि शेख बांग्लादेशी नागरिक है, जो अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और आधार कार्ड तथा अन्य पहचान दस्तावेजों के सहारे यहाँ बस गया।
खंडपीठ ने टिप्पणी की,
"भारतीय सीमा में घुसपैठ करने वाले विदेशी नागरिक हमारे देश के भीतर तक आ गए। वे फर्जी दस्तावेज जमा करके संबंधित प्राधिकरणों से पैन कार्ड, चुनाव पहचान पत्र और आधार कार्ड हासिल कर लेते हैं और खुद को भारतीय नागरिक के रूप में पेश करते हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है और संबंधित जांच एजेंसी को तुरंत इसकी जांच करनी चाहिए। जो लोग या सह-आरोपी ऐसे विदेशी नागरिकों को भारतीय सीमा में घुसपैठ करने और पैन कार्ड, चुनाव पहचान पत्र तथा आधार कार्ड बनवाकर यहां बसने में मदद कर रहे हैं, उनसे भी गहन पूछताछ की जानी चाहिए। यदि इस अपराध में उनकी भूमिका सामने आती है तो कानून के प्रावधानों के अनुसार उनके अवैध कार्यों के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए और जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया जाना चाहिए।"
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शेख और पांच अन्य बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए। वे नवी मुंबई के कामोथे इलाके में भारतीय नागरिकों के रूप में रह रहे थे और उन्होंने अपने लिए आधार, पैन और चुनाव कार्ड भी बनवा लिए। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, जांच के दौरान इन विदेशी नागरिकों ने ये दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि वे भारतीय हैं, न कि बांग्लादेशी नागरिक।
खंडपीठ ने बताया कि आरोपियों ने मोहम्मद अलाउद्दीन उर्फ मास्टर उस्मान अंसारी, प्रवीण आनंदा पाटिल, अजय भीमराव सर्वे और विशाल जनार्दन शेडगे के नाम बताए, जिन्होंने उन्हें ये पहचान दस्तावेज हासिल करने में मदद की। इसलिए पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे ऐसे लोगों को भी न बख्शें जो विदेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से बसने में मदद करते हैं।
खंडपीठ ने UIDAI को भी आदेश दिया कि वह शेख के संबंध में पुलिस द्वारा मांगी गई जरूरी दस्तावेज/जानकारी उपलब्ध कराए।
Case Title : State of Maharashtra vs Unique Identification Authority of ] India

