BCI को चार लॉ कॉलेजों की मंजूरी के आवेदन तुरंत निपटाने का निर्देश, CAP Round-1 में छात्रों को मिलेगा मौका: बॉम्बे हाईकोर्ट

Praveen Mishra

10 Aug 2026 5:51 PM IST

  • BCI को चार लॉ कॉलेजों की मंजूरी के आवेदन तुरंत निपटाने का निर्देश, CAP Round-1 में छात्रों को मिलेगा मौका: बॉम्बे हाईकोर्ट

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को चार लॉ कॉलेजों द्वारा मंजूरी के लिए दाखिल आवेदनों की तुरंत जांच कर प्रक्रिया पूरी करने और आवेदन सही पाए जाने पर 6 अगस्त 2026 तक जरूरी मंजूरी देने का निर्देश दिया है।

    जस्टिस आर.आई. चागला और जस्टिस फरहान पी. दुबाश की खंडपीठ चार लॉ कॉलेजों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। कॉलेजों की BCI मंजूरी लंबित होने के कारण उन्हें CAP Round-1 में शामिल होने वाले मंजूर कॉलेजों की सूची में जगह नहीं मिली थी।

    कोर्ट ने कहा कि चारों कॉलेजों ने तय समय के भीतर BCI पोर्टल पर आवेदन जमा कर दिए थे। यदि BCI समय पर जांच और मंजूरी नहीं देता, तो कॉलेज अपनी गलती के बिना CAP Round-1 में शामिल होने से वंचित हो जाते, जिससे उन्हें गंभीर और अपूरणीय नुकसान हो सकता है।

    BCI ने कोर्ट को बताया कि तीन कॉलेजों के मामलों में मंजूरी के लिए कम से कम एक सप्ताह और चौथे कॉलेज के लिए कुछ दिनों का समय लगेगा।

    इससे पहले 30 जुलाई को हाईकोर्ट ने मुंबई विश्वविद्यालय को आवश्यक जुर्माना जमा करने पर कॉलेजों को सशर्त संबद्धता प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया था। कॉलेजों ने जरूरी दस्तावेज और फीस जमा कर दी थी, लेकिन BCI की मंजूरी लंबित थी।

    हाईकोर्ट ने अब निर्देश दिया कि मंजूरी मिलने के बाद कॉलेज उसे अपने ऑनलाइन लॉगिन के जरिए अपलोड करेंगे। इसके बाद पुणे के उच्च शिक्षा निदेशालय को 7 अगस्त तक मंजूरी का सत्यापन करना होगा।

    वहीं, State CET Cell को 'College Option Form Filling' की अंतिम तारीख दो दिन बढ़ाकर 9 अगस्त 2026 करने का निर्देश दिया गया, ताकि छात्र नए मंजूर कॉलेजों को अपनी पसंद में शामिल कर सकें।


    इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए क्लिक करें

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story