अनीता आडवाणी का दावा खारिज, राजेश खन्ना संग संबंध को 'विवाह' मानने से इनकार: बॉम्बे हाईकोर्ट

Praveen Mishra

1 April 2026 2:38 PM IST

  • अनीता आडवाणी का दावा खारिज, राजेश खन्ना संग संबंध को विवाह मानने से इनकार: बॉम्बे हाईकोर्ट

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री अनीता आडवाणी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपने संबंध को विवाह का दर्जा देने की मांग की थी।

    जस्टिस शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने अनीता आडवाणी द्वारा दायर प्रथम अपील को खारिज करते हुए 2017 में मुंबई के डिंडोशी सिविल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। सिविल कोर्ट ने उनके मुकदमे को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था।

    अनीता आडवाणी का दावा था कि वह राजेश खन्ना के साथ लगभग एक दशक तक लिव-इन संबंध में रहीं और वर्ष 2012 में उनके निधन तक उनके साथ रह रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि खन्ना ने गुप्त रूप से उनके सिर पर सिंदूर लगाकर उनसे विवाह किया था।

    हालांकि, इस दावे का विरोध राजेश खन्ना की विधिक पत्नी डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने किया। परिवार ने न तो विवाह और न ही लिव-इन संबंध के दावे को स्वीकार किया।

    अनीता आडवाणी ने यह भी आरोप लगाया था कि राजेश खन्ना की मृत्यु के बाद उन्हें उनके 'आशीर्वाद' बंगले से जबरन बेदखल कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत कपाड़िया परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। हालांकि, वर्ष 2015 में हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ ने उस कार्यवाही को रद्द कर दिया था और यह पाया था कि उनका संबंध 'विवाह के समान' नहीं था।

    हाईकोर्ट के इस ताजा फैसले के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि अनीता आडवाणी के दावे को कानूनन मान्यता नहीं दी जा सकती और उनके तथा राजेश खन्ना के संबंध को विवाह का दर्जा नहीं दिया जा सकता।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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