पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने Congress लोकसभा प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई

Update: 2024-05-07 09:06 GMT

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने युवा कांग्रेस (Congress) नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। इसमें आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश न होने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज मामला रद्द करने की मांग की गई। बुद्धिराजा हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री एमएल खट्टर के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

याचिका में कहा गया कि बुद्धिराजा पर 2018 में राजनीतिक प्रतिशोध के कारण सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1984 (Public Property Act 1984) की धारा 3-ए के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, उन्हें 2021 में इस मामले में जमानत दे दी गई। 03 मई को पंचकूला की एक अदालत ने बुद्धिराजा को जमानत दे दी, जब उन्होंने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

जस्टिस कुलदीप तिवारी ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए एफआईआर से उत्पन्न होने वाली आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

दिसंबर 2023 में बुद्धिराजा को पंचकूला में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया गया था और जनवरी में उनके खिलाफ धारा 174ए आईपीसी के तहत नई एफआईआर दर्ज की गई थी।

युवा कांग्रेस नेता ने प्रस्तुत किया कि व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए उनके आवेदन को 2022 में बहुत ही मनमाने तरीके से खारिज कर दिया गया। उनके खिलाफ गिरफ्तारी का गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।

याचिकाकर्ता के वकील ने आज प्रस्तुत किया कि युवा नेता को मुख्य मामले में नियमित जमानत दी गई और अपराध को कम करने के लिए सार्वजनिक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1984 की धारा 4 के तहत एक आवेदन दायर किया गया।

दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया और धारा 174ए आईपीसी के तहत दर्ज एफआईआर से उत्पन्न कार्यवाही पर रोक लगाने का निर्देश दिया।

मामले को आगे के विचार के लिए 22 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया गया।

केस टाइटल: दिव्यांशु बुद्धिराजा बनाम हरियाणा

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