पटना हाईकोर्ट में कुछ जजों के व्यवहार पर गंभीर आरोप: वकीलों ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान
पटना हाईकोर्ट की तीन बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने 15 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे के बाद न्यायिक कार्य से दूर रहने का आह्वान किया। समिति ने बार और बेंच के बीच बढ़ते तनाव तथा कुछ जजों के कथित व्यवहार को लेकर गहरी नाराजगी जताई।
समन्वय समिति ने असाधारण स्थिति में आयोजित बैठक के बाद जारी प्रस्ताव में कहा कि 7 मई 2026 को रजिस्ट्रार जनरल (प्रभार) के हस्ताक्षर से जारी नोटिस के खिलाफ बार के सदस्यों ने एकमत होकर चिंता और आक्रोश व्यक्त किया।
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि हाल के दिनों में बार और बेंच के बीच दूरी लगातार बढ़ी है। समिति के अनुसार, कुछ जजों का अदालत की कार्यवाही के दौरान व्यवहार असहयोगपूर्ण, असभ्य, अपमानजनक और कई बार मर्यादा से नीचे रहा है।
समिति ने यह भी दावा किया कि कुछ अदालतों में कार्यवाही इस प्रकार संचालित होती है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित जज स्वयं को कानून का एकमात्र जानकार मानते हैं।
प्रस्ताव में कहा गया कि कई सीनियर एडवोकेट भी कुछ जजों की अदालत में पेश होने से हिचकिचाते हैं।
बार संगठनों ने रजिस्ट्री की ओर से जारी नोटिस को भी वकीलों के प्रति प्रशासन के रवैये का प्रतिबिंब बताया।
इसी के मद्देनजर समन्वय समिति ने निर्णय लिया कि 15 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे के बाद अधिवक्ता अपने पेशेवर कार्यों से विरत रहेंगे।
यह प्रस्ताव पटना हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, एडवोकेट्स एसोसिएशन और लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया।