हाईकोर्ट ने कान्हा नेशनल पार्क में दो और बाघों की मौत की जांच के निर्देश दिए
कान्हा टाइगर रिज़र्व में बाघों की मौत को लेकर चल रही जनहित याचिका (PIL) पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो और बाघों की मौत की जांच करने और अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है। वेबसाइट के अनुसार, इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर, 2026 को तय की गई।
यह जनहित याचिका वकील द्वारा दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि हाल ही में हुई बाघों की मौतें, NTCA (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) के ढांचे के तहत निर्धारित कानूनी सुरक्षा उपायों, बीमारी की निगरानी और मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
याचिका में मार्च-मई 2026 के दौरान बाघिन T-141 और उसके चार शावकों, बाघिन T-122 और बाघ T-220 की मौत का जिक्र किया गया है। इन मौतों का संबंध 'कैनाइन डिस्टेंपर वायरस' (CDV) से बताया गया, जो मांसाहारी जानवरों में फैलने वाली एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है।
याचिका में 'इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट' (IVRI) के दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया गया। इसमें बताया गया कि पालतू कुत्तों में CDV काफी फैला हुआ है। साथ ही, अनिवार्य निगरानी, पोस्टमार्टम के दौरान नियमित जांच, बफर ज़ोन से आवारा कुत्तों को दूर रखने और जांच की मानक प्रक्रियाओं को अपनाने की सिफारिश की गई।
हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान, अदालत को दो और बाघों की मौत के बारे में जानकारी दी गई।
Case Title : Subit Chakraborty v Union of India