करप्शन रेट कार्ड' विज्ञापनों पर BJP की मानहानि शिकायत: हाईकोर्ट ने रद्द किया पूर्व सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ केस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार (4 नवंबर) को पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य इकाई की ओर से दायर आपराधिक मानहानि का मुकदमा रद्द किया।
पिछले साल हाईकोर्ट ने इस मामले में कार्यवाही पर रोक लगाई।
जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने आदेश सुनाते हुए कहा,
“याचिका मंजूर की जाती है, मामला रद्द किया जाता है।”
इससे पहले, 4 जुलाई को हाईकोर्ट ने राज्य BJP इकाई की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। यही राहत कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) को भी दी गई। इसी मामले में हाईकोर्ट ने इस साल जनवरी में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल पर भी रोक लगाई।
राज्य BJP इकाई की शिकायत मुख्य रूप से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से स्थानीय अखबारों में प्रकाशित 'करप्शन रेट कार्ड' विज्ञापनों और 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर किए गए 'झूठे प्रचार' से संबंधित है। ट्रायल कोर्ट ने 2023 में इस मामले का संज्ञान लिया था।
BJP का आरोप है कि विज्ञापनों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा। विज्ञापनों में दावा किया गया कि BJP सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्तियों और तबादलों के लिए कुछ 'रेट' और 'कमीशन' वसूलती है। BJP ने इन आरोपों को झूठा और आरोपियों की “काल्पनिक कल्पना” पर आधारित बताया।
BJP ने यह भी आरोप लगाया कि विज्ञापनों में लोकप्रिय शब्द “डबल इंजन सरकार” की जगह “ट्रबल इंजन सरकार” का इस्तेमाल करने से पार्टी की प्रतिष्ठा और नाम को बदनाम करने तथा चुनाव में उसकी संभावनाओं को प्रभावित करने की मंशा जाहिर होती है।