CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र की गलत पहचान बताने वाली पोस्ट हटाई गईं: सुधीर चौधरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
पत्रकार सुधीर चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट हटाईं, जिनमें एक छात्र एक्टिविस्ट की गलत पहचान बताई गई। आरोप है कि इस एक्टिविस्ट ने जून में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान संसद को नष्ट करने और भारत को नेपाल में बदलने की धमकी देने जैसी बातें कही थीं।
यह बयान पत्रकार की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट दयान कृष्णन ने जस्टिस तुषार राव गेडेला के सामने दिया।
कोर्ट छात्र एक्टिविस्ट विजय शेरावत द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई कर रहा है। 20 साल के एक्टिविस्ट और UPSC की तैयारी कर रहे शेरावत ने यह मुकदमा DD न्यूज़ पर चौधरी के डेली प्राइम टाइम शो "डिकोड" में 27 जुलाई को दिखाए गए एक प्रसारण को लेकर दायर किया।
मुकदमे में प्रतिवादियों को 27 जुलाई को दिखाए गए प्रसारण को टेलीकास्ट करने, होस्ट करने, पब्लिश करने, सर्कुलेट करने या फैलाने से रोकने के लिए आदेश (इंजंक्शन) की मांग की गई, क्योंकि इसे मानहानिपूर्ण बताया गया।
शेरावत के अनुसार, विवादित प्रसारण में यह आरोप लगाया गया कि CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने संसद को नष्ट करने और भारत को नेपाल में बदलने की धमकी देने जैसी बातें कही थीं।
उनका कहना है कि उन्होंने कभी ऐसी बातें नहीं कहीं और प्रतिवादी बिना सही तथ्यों की परवाह किए उन पर गलत बयान का आरोप लगा रहे हैं।
सुनवाई के दौरान, कृष्णन ने कोर्ट को बताया कि चौधरी ने खुद ही पोस्ट हटा दी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि पोस्ट हटा दी गई हैं, इसलिए मामले को बंद किया जा सकता है क्योंकि अब केस में कुछ नहीं बचा है।
हालांकि, शेरावत के वकील ने कहा कि वह मामले को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
इसके बाद जस्टिस गेडेला ने कहा कि मामले की सुनवाई अब जनवरी 2027 में होगी।
Title: VIJAY SHERAWAT v. SUDHIR CHAUDHARY AND ORS