विवेक ओबेरॉय के पर्सनालिटी रइट्स की सुरक्षा पर दिल्ली हाइकोर्ट करेगा अंतरिम आदेश पारित

Update: 2026-02-05 07:19 GMT

दिल्ली हाइकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह एक्टर और उद्यमी विवेक ओबेरॉय के पर्सनालिटी रइट्स की सुरक्षा को लेकर अंतरिम आदेश पारित करेगा।

यह टिप्पणी जस्टिस तुषार राव गेडेला ने उस समय की जब विवेक ओबेरॉय की ओर से वकील सना रईस खान अदालत में पेश हुईं।

सुनवाई की शुरुआत में ही जस्टिस गेडेला ने कहा,

“हम आदेश पारित करेंगे।”

इस पर वकील सना रईस खान ने पूछा कि क्या उन्हें कोई दलील रखनी होगी।

इसके जवाब में जस्टिस गेडेला ने कहा,

“जब अदालत कह रही है कि वह आदेश पारित करेगी, तो क्या दलील की आवश्यकता है?”

यह वाद एडवोकेट सना रईस खान और प्रणय चितले के माध्यम से दायर किया गया।

याचिका में विवेक ओबेरॉय के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों के उल्लंघन पर रोक लगाने की मांग की गई। इसमें अज्ञात व्यक्तियों सहित कई प्रतिवादियों के खिलाफ राहत मांगी गई, जो बिना अनुमति उनके नाम, आवाज और छवि जैसे विशिष्ट और पहचान योग्य गुणों का उपयोग कर रहे हैं।

याचिका में कहा गया कि प्रतिवादी सोशल मीडिया पर विवेक ओबेरॉय के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी खाते बना रहे हैं, बिना अनुमति वस्तुएं बेच रहे हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता व डीपफेक तकनीक के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री तैयार कर प्रसारित कर रहे हैं। कुछ मामलों में यह सामग्री अशोभनीय, आपत्तिजनक और मानहानिकारक बताई गई, जबकि कुछ मामलों में इससे अभिनेता की व्यावसायिक पहचान और बाजार को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई।

याचिका में यह भी कहा गया कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व, नाम, छवि और पहचान से जुड़े गुणों के व्यावसायिक उपयोग पर केवल उसी व्यक्ति का अधिकार होता है। बिना उसकी स्पष्ट अनुमति के कोई भी व्यक्ति या संस्था उसके व्यक्तित्व का उपयोग या दुरुपयोग नहीं कर सकती।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट की समकक्ष पीठें आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, एक्टर आर. माधवन और एनटीआर जूनियर के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के आदेश पारित कर चुकी हैं। इसी तरह का वाद अभिनेता सलमान खान द्वारा भी दायर किया गया।

इसके अलावा आर्ट ऑफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, एक्टर नागार्जुन, बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और फिल्म निर्माता करण जौहर के व्यक्तित्व अधिकारों की भी हाइकोर्ट द्वारा रक्षा की जा चुकी है।

हाल ही में दिल्ली हाइकोर्ट ने पत्रकार सुधीर चौधरी के व्यक्तित्व अधिकारों की भी सुरक्षा की थी, जिन्होंने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित भ्रामक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार वीडियो प्रसारित किए जाने को लेकर राहत मांगी थी।

इसके अलावा, पॉडकास्टर राज शमानी के मामले में भी अदालत ने जॉन डो आदेश पारित करते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की थी।

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