दिल्ली हाईकोर्ट ने रेड बुल को "एनर्जी ड्रिंक" लेबल का इस्तेमाल बंद करने का FSSAI का आदेश रद्द किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) का वह आदेश रद्द किया, जिसमें ऑस्ट्रियाई बेवरेज कंपनी रेड बुल को अपने कैफीन वाले ड्रिंक्स के लिए "एनर्जी ड्रिंक" शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया।
जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि फूड रेगुलेटर द्वारा आदेश पारित करने से पहले रेड बुल को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि FSSAI प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करने और रेड बुल को अपनी बात रखने का मौका देने के बाद नया फैसला लेने के लिए स्वतंत्र होगा।
रेड बुल ने FSSAI के 30 जून के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे अपने कैफीन वाले ड्रिंक्स की रेंज पर "एनर्जी ड्रिंक" शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया।
इसने 17 जुलाई को जारी उस कम्युनिकेशन को भी चुनौती दी, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमों का पालन न करने वाले प्रोडक्ट्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
याचिका में कहा गया कि रेड बुल 2002 से भारत में अपने प्रोडक्ट्स को "एनर्जी ड्रिंक" लेबल के साथ बेच रही है।
यह तर्क दिया गया कि विवादित आदेश बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुनवाई का मौका दिए जारी किया गया।
याचिका के अनुसार, बाद में जारी विवादित कम्युनिकेशन के कारण प्रवर्तन कार्रवाई हुई, जिसमें कई जगहों पर इसके प्रोडक्ट्स को ज़ब्त करना भी शामिल था।
Title: Red Bull v. Union of India & Ors