दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें राजधानी के जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल-इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती दी गई।

इस मामले की सुनवाई 29 सितंबर को जस्टिस अमित महाजन ने की।

याचिकाकर्ताओं, रॉबिन माइकल और एक अन्य व्यक्ति ने 2 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाज़त मांगी थी।

उन्होंने प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए इजाज़त न देने और दिल्ली पुलिस के इस फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया।

भारत सरकार की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल अमित तिवारी ने कोर्ट को बताया कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया।

उन्होंने आगे बताया कि अस्वीकृति आदेश की एक कॉपी याचिकाकर्ताओं को ईमेल के ज़रिए भेज दी गई।

इसके बाद याचिकाकर्ताओं के वकील ने अस्वीकृति आदेश को चुनौती देने के लिए एक उचित आवेदन दायर करने के लिए समय मांगा।

इसके अनुसार, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख तय की।

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