अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा, AI दुरुपयोग और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक: दिल्ली हाईकोर्ट

Update: 2026-04-21 07:02 GMT

दिल्ली हाईकोर्ट ने दक्षिण भारतीय एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनालिटी की रक्षा करते हुए एक अहम अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने बिना अनुमति उनके नाम, छवि, आवाज, शैली और अन्य विशिष्ट पहचान के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाई। साथ ही AI, डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री के जरिए दुरुपयोग को भी प्रतिबंधित किया।

जस्टिस तुषार राव गेडेला ने कहा कि एक्टर की पहचान से जुड़े तत्व जैसे नाम, रूप-रंग, आवाज, संवाद बोलने का अंदाज, हाव-भाव और पहनावा उनकी विशिष्ट पहचान हैं और इन पर उनका विशेष अधिकार है।

यह आदेश उस वाद में पारित किया गया, जिसमें एक्टर ने आरोप लगाया कि कई संस्थाएं उनकी पहचान का उपयोग कर बिना अनुमति के सामान बेच रही हैं और व्यावसायिक लाभ कमा रही हैं।

कोर्ट ने माना कि एक्टर के लोकप्रिय संवाद और उनकी शैली उन्हें एक विशिष्ट और प्रतिष्ठित पहचान देते हैं।

कोर्ट ने कहा,

“ये सभी विशेषताएं वादी की पहचान का स्रोत हैं और इन पर उनका ही अधिकार है, किसी अन्य को इनके उपयोग का अधिकार नहीं है।”

हाईकोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया मामला अभिनेता के पक्ष में बनता है और यदि तत्काल संरक्षण नहीं दिया गया तो उन्हें अपूरणीय क्षति हो सकती है।

इसी आधार पर कोर्ट ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया कि वे बिना अनुमति अभिनेता के नाम, छवि, आवाज या किसी भी पहचान योग्य विशेषता का उपयोग न करें चाहे वह व्यावसायिक हो या निजी लाभ के लिए।

साथ ही कोर्ट ने AI के माध्यम से तैयार की गई नकली सामग्री डीपफेक या किसी भी तरह की भ्रामक सामग्री के प्रसार पर भी रोक लगा दी है जो अभिनेता का रूप धारण करती हो।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी वेबसाइट को इस आदेश के तहत गलती से ब्लॉक किया जाता है तो वह अदालत में आकर स्पष्टीकरण या संशोधन की मांग कर सकती है। बशर्ते वह यह आश्वासन दे कि वह अवैध सामग्री प्रसारित नहीं करेगी।

हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए आगे की सुनवाई के लिए समन भी जारी किए।

Tags:    

Similar News