CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर IYC की याचिका पर जवाब देने के लिए दिल्ली पुलिस ने समय मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि वह मंगलवार को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने को चुनौती दी गई।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा द्वारा निर्देश लेने के लिए समय मांगे जाने के बाद जस्टिस अमित महाजन ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया।
IYC की ओर से सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा और विवेक तन्खा पेश हुए।
यह याचिका IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की।
याचिका में तर्क दिया गया कि पुलिस शांतिपूर्ण सभा को रेगुलेट करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल उसे रोकने की शक्ति के तौर पर नहीं कर सकती, जब तक कि हर मामले का अलग-अलग और उचित आकलन न किया जाए।
IYC ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस से लगभग 100-150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आवेदन किया था।
ऐसा करते समय, उसने सुरक्षा, ट्रैफ़िक, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी सभी कानूनी शर्तों का पालन करने का वादा किया।
हालांकि, याचिका में कहा गया कि बार-बार फ़ॉलो-अप करने के बावजूद, आवेदन अस्वीकार किए जाने की जानकारी 1 अक्टूबर को दी गई, जो विरोध प्रदर्शन की प्रस्तावित पहली तारीख थी।
याचिका में भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 19(1)(b) का हवाला दिया गया और विरोध प्रदर्शन से जुड़े दिशा-निर्देशों को बिना सोचे-समझे लागू करने को चुनौती दी गई।
इसमें सुप्रीम कोर्ट के उन फ़ैसलों का भी सहारा लिया गया जो शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की रक्षा करते हैं और उचित रेगुलेशन की बात करते हैं।
यह याचिका वकील रूपेश सिंह भदौरिया के ज़रिए दायर की गई।