"मीडिया और सरकारी एजेंसी को बिना किसी वजह के नागरिकों के निजी जीवन में ताकझांक करने का अधिकार नहीं है।"

ये टिप्पणी केरल हाईकोर्ट ने एक न्यूज चैनल के दो मीडियाकर्मियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की।

जस्टिस वीजी अरुण की सिंगल बेंच ने कहा कि कुछ मामलों में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यानी मीडिया अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहा है।

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